बैतूल के चोपना क्षेत्र में 1 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। इस मामले में एक फोन-पे ट्रांजैक्शन ने आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमले में घायल युवक का हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया था, जिसे भोपाल एम्स में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह घटना 1 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्राम शिवसागर पुलिया के पास कच्चे रास्ते पर हुई। विप्लव विश्वास अपनी पत्नी सुशांति विश्वास के साथ जा रहे थे, तभी एक नकाबपोश हमलावर ने उन पर धारदार हथियार ‘दाव’ से हमला कर दिया। हमले में विप्लव का बायां हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया और उनके चेहरे पर भी गंभीर चोटें आईं। पत्नी ने दिखाई बहादुरी
पत्नी सुशांति विश्वास ने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर का सामना किया और राहगीरों की मदद से पति को तुरंत घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचाया। यहीं से पुलिस को सूचना मिली और मामला दर्ज किया गया। शुरुआत में यह मामला ‘ब्लाइंड अटैक’ लग रहा था, लेकिन सुशांति विश्वास ने हमलावर के हुलिए, कद-काठी और कपड़ों के आधार पर एक अहम सुराग दिया। उन्होंने शक जताया कि हमलावर उनका पुराना परिचित प्रणव मिस्त्री हो सकता है। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर जांच तेज की और संदिग्ध प्रणव मिस्त्री (33), निवासी ग्राम सालीवाड़ा को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि 2020-21 में पीड़ित परिवार द्वारा की गई शिकायत के कारण उसकी सामाजिक बदनामी हुई थी और उसकी शादी बार-बार टूट रही थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने यह हमला किया। जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एक डिजिटल ट्रांजैक्शन साबित हुई। आरोपी ने वारदात से पहले एक लोहार से ₹850 में ‘दाव’ खरीदा था और उसका भुगतान PhonePe के माध्यम से किया था। पुलिस ने इस लेनदेन को ट्रेस कर आरोपी के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल धारदार ‘दाव’, मोटरसाइकिल और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
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