बालूराम का गजब दिमाग! एक खेत में उगा डाली 12 सब्जियां, 90 दिन में छप्परफाड़ कमाई

बालूराम का गजब दिमाग! एक खेत में उगा डाली 12 सब्जियां, 90 दिन में छप्परफाड़ कमाई


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बालूराम का गजब दिमाग! एक खेत में उगा डाली 12 सब्जियां, 90दिन में अंधाधुंध कमाई

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Multicrop Farming Profit: शिवपुरी के रन्नौद में एक किसान ने बहुफसली सब्जी खेती कर 90 दिनों में 5 लाख रुपये की कमाई कर सबको चौंका दिया है. बालूराम कुशवाह ने एक साथ कई सब्जियां उगाकर जोखिम कम किया और लगातार आय का स्रोत बनाया. कम लागत, पारिवारिक सहयोग और सीधे बाजार में बिक्री उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी. जैविक तरीकों के इस्तेमाल से उन्होंने खर्च घटाया और मुनाफा बढ़ाया. जानिए कैसे यह मॉडल दूसरे किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है और आप भी इससे सीख लेकर कमाई बढ़ा सकते हैं.

Agri Tips: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद कस्बे के किसान बालूराम कुशवाह ने वो कर दिखाया है, जो हर किसान का सपना होता है. उन्होंने सिर्फ करीब 5 बीघा जमीन पर खेती करके महज 90 दिनों में 5 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली. खास बात ये है कि उन्होंने कोई एक फसल नहीं, बल्कि एक साथ कई सब्जियां उगाईं और यही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी.

एक साथ उगाईं दर्जनभर सब्जियां
गर्मी के सीजन में जहां ज्यादातर किसान एक-दो फसलों पर निर्भर रहते हैं, वहीं बालूराम ने एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने अपने खेत में मिर्च, भिंडी, लौकी, तोरई, करेला, टिंडा, ककड़ी, खीरा, बैंगन, टमाटर, धनिया जैसी करीब एक दर्जन से ज्यादा सब्जियां लगाईं. इसका फायदा ये हुआ कि हर हफ्ते कुछ न कुछ फसल तैयार हो जाती थी और उनकी आमदनी लगातार बनी रही. अगर किसी एक सब्जी का भाव गिरा, तो दूसरी ने नुकसान कवर कर लिया.

कम लागत में ज्यादा मुनाफा
इस खेती की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत है. बालूराम बताते हैं कि ज्यादातर काम परिवार के लोग ही मिलकर करते हैं, जिससे मजदूरी का खर्च लगभग खत्म हो जाता है. बीज, पानी और हल्की खाद के अलावा ज्यादा खर्च नहीं होता. साथ ही, उन्होंने ज्यादातर जैविक तरीके अपनाए, जिससे दवाइयों का खर्च भी बच गया. कम लागत और अच्छी पैदावार ने मुनाफा कई गुना बढ़ा दिया.

सीधे बाजार, बिना बिचौलिया
बालूराम खुद अपनी सब्जियां लेकर आसपास के हाट-बाजारों में पहुंचते हैं. बिचौलियों से दूरी रखने का उन्हें सीधा फायदा मिलता है उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिलता है. वे बाजार में दूसरों से थोड़े कम दाम पर ताजी सब्जियां बेचते हैं, जिससे ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. कम कीमत के बावजूद उनका मुनाफा अच्छा रहता है क्योंकि लागत बहुत कम है.

दूसरे किसानों के लिए मिसाल
तीन भाइयों में से खेती की जिम्मेदारी अकेले संभाल रहे बालूराम को परिवार का पूरा साथ मिलता है. उनकी यह बहुफसली खेती अब इलाके के दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है. वे कहते हैं कि अगर किसान सिर्फ एक फसल पर निर्भर रहने की बजाय अलग-अलग सब्जियां उगाएं, तो कम समय में ज्यादा कमाई की जा सकती है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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