बिजली कंपनी ने काटा नल-जल कनेक्शन, 6000 आबादी प्यासी: पंचायत पर 22 लाख का बिल बकाया; पांच दिन से आपूर्ति ठप – Maihar News

बिजली कंपनी ने काटा नल-जल कनेक्शन, 6000 आबादी प्यासी:  पंचायत पर 22 लाख का बिल बकाया; पांच दिन से आपूर्ति ठप – Maihar News




मैहर जिले के रामनगर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत देवराजनगर में गहरा जल संकट उत्पन्न हो गया है। बिजली कंपनी ने पंचायत पर 22 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया होने के कारण नल-जल योजना का कनेक्शन काट दिया है। पिछले पांच दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लगभग 6000 की आबादी प्रभावित हुई है। यह संकट तब गहराया जब बिजली कंपनी ने बकाया वसूली के लिए बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे कनेक्शन काट दिया। पंचायत पूरी तरह से नल-जल योजना पर निर्भर है और अब ग्रामीण पीने के पानी के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर हैं। बोरवेल से पानी सप्लाई, बिजली बिल 22 लाख पहुंचा देवराजनगर में नल-जल योजना का संचालन पहले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग करता था, जिसे पिछले एक साल से जल निगम के अधीन कर दिया गया है। हालांकि, पंचायत के पुराने बोरवेल सिस्टम से ही पानी की आपूर्ति जारी रही, जिसका विधिवत हैंडओवर नहीं हो सका। पंचायत पांच बोरवेल के जरिए पूरे गांव में पानी पहुंचा रही थी, जिससे बिजली की खपत बढ़ी और बकाया बिल 22 लाख रुपये तक पहुंच गया। 20 हैंडपंप सूखे, ग्रामीण दूर से पानी लाने को मजबूर गांव में पीने के पानी की किल्लत बढ़ गई है। कई परिवार दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं। स्थिति की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि पंचायत क्षेत्र के कुल 25 हैंडपंपों में से 20 पूरी तरह सूख चुके हैं। लगभग 400 फीट की गहराई तक खुदाई के बावजूद इन हैंडपंपों से पानी के बजाय केवल हवा निकल रही है। बिल चुकाने में असमर्थ पंचायत ने गुहार लगाई ग्राम पंचायत की सरपंच नीता विकास गुप्ता ने इस मामले को जिला कलेक्टर और अन्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाया है। उन्होंने बताया कि पंचायत के पास इतने बड़े बिजली बिल का भुगतान करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। हालांकि, पंचायत भवन और स्ट्रीट लाइट से संबंधित 18 हजार रुपए का बिल जमा करा दिया गया है, लेकिन शेष राशि का भुगतान करना फिलहाल संभव नहीं है।



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