छिंदवाड़ा जिले के रावणवाड़ा थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस और प्रशासन ने एक जर्जर मकान को ध्वस्त करवा दिया। यह मकान लंबे समय से असामाजिक तत्वों के कब्जे में था और यहां अवैध गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जानकारी के अनुसार, इस मकान को पहले ही वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा जर्जर घोषित किया जा चुका था। बावजूद इसके कुछ युवकों ने इस पर कब्जा कर रखा था। स्थानीय लोगों ने कई बार रावणवाड़ा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि यहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। जानलेवा हमले के बाद उपयोग की बात सामने आई
मामले ने उस समय गंभीर रूप लिया जब हाल ही में अमित धुर्वे पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी नीलेश केथवास द्वारा इस मकान का उपयोग किए जाने की बात सामने आई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने इस खाली और जर्जर मकान को अपना ठिकाना बना लिया था। रावणवाड़ा थाना प्रभारी कंचन राजपूत ने बताया कि विभागीय जानकारी में यह स्पष्ट हुआ कि मकान किसी को आवंटित नहीं है और पूरी तरह जर्जर स्थिति में है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए इसे गिराने की कार्रवाई की गई। अवैध गतिविधियां होने की भी शिकायतें
पुलिस के अनुसार, क्षेत्रवासियों से यह भी इनपुट मिला था कि आरोपी द्वारा यहां अवैध गतिविधियां चलाई जा रही थीं। इसी आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि लंबे समय से यह मकान अपराधियों का ठिकाना बना हुआ था और इससे आसपास के लोगों में डर का माहौल था। अब मकान हटने से क्षेत्र में राहत की स्थिति बनी है।
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