‘पहले आओ–पहले पाओ’ पर एडमिशन शुरू, अब गांव में ही मिलेगी हाईटेक पढ़ाई और खेल सुविधा

‘पहले आओ–पहले पाओ’ पर एडमिशन शुरू, अब गांव में ही मिलेगी हाईटेक पढ़ाई और खेल सुविधा


रिपोर्टर आशीष पांडेय, शिवपुरी 

शिवपुरी से लगभग 65 किमी दूर गणेशखेड़ा गांव में संचालित सीएम राइज संदीपनी स्कूल में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया पिछले महीने से जारी है. यहां लॉटरी सिस्टम के बजाय ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर प्रवेश दिए जा रहे हैं. स्कूल की नई बिल्डिंग जुलाई तक तैयार होने की उम्मीद है, जिससे कक्षाओं और बैठने की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी. फिलहाल कैचमेंट एरिया के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है, विशेषकर आसपास की शासकीय पाठशालाओं से आने वाले बच्चों को.

वर्तमान में वाहन व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण प्राथमिक कक्षाओं के अलावा अन्य कक्षाओं के लिए 5 किमी का दायरा निर्धारित किया गया है. परिवहन सुविधा शुरू होते ही यह दायरा बढ़ाया जाएगा. पिछले सत्र में लगभग 700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे, लेकिन भवन निर्माण कार्य के चलते स्थान की कमी महसूस हुई. नई बिल्डिंग तैयार होने के बाद प्रवेश संख्या बढ़ने की संभावना है. स्कूल में हाईटेक पढ़ाई, सुरक्षा, बिजली और खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चे भी आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें.

सुरक्षा की दृष्टि से हाईटेक व्यवस्थाएं
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मजबूत प्रबंध किए गए हैं. 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं, जिससे अनधिकृत प्रवेश पर नियंत्रण बना रहता है. स्कूल के प्रवेश द्वार, गलियारों, कक्षाओं और खेल मैदान तक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग प्राचार्य कक्ष से की जाती है, जहां से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाती है. आगंतुकों का विवरण दर्ज किया जाता है और अनुमति के बाद ही प्रवेश दिया जाता है. छुट्टी के समय भी सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित की जाती है. इस हाईटेक निगरानी व्यवस्था से अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है और विद्यार्थियों को सुरक्षित व अनुशासित वातावरण मिलता है.

बच्चों को दी जाती है हाईटेक शिक्षा
स्कूल में स्मार्ट क्लास, डिजिटल कंटेंट और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई गई है. कंप्यूटर, प्रोजेक्टर और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझाया जाता है. पढ़ाई के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष जोर दिया जाता है, जिससे बच्चे व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें. तकनीक से जुड़ी शिक्षा ग्रामीण विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती है. यहां शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मकता बढ़ाने पर भी केंद्रित है.

खेलकूद के लिए पर्याप्त व्यवस्था
विद्यालय में बड़े खेल मैदान और आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है. नियमित खेल पीरियड में बच्चे कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, दौड़ और योग जैसी गतिविधियों में भाग लेते हैं. प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खेलों के माध्यम से टीम भावना, अनुशासन और शारीरिक फिटनेस विकसित होती है. स्कूल प्रबंधन पढ़ाई के साथ खेल को समान महत्व देता है, ताकि विद्यार्थी मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें. स्कूल के प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह लोधी का कहना है कि विद्यालय में वे सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो एक हाईटेक स्कूल में होती हैं. यहां हर छात्र-छात्रा को ‘पहले आओ–पहले पाओ’ के आधार पर प्रवेश दिया जाता है, लॉटरी सिस्टम लागू नहीं है.



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