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Ujjain News: दांपत्य जीवन को सुखी बनाने के लिए तुलसी माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें. इससे रिश्तों में मधुरता और खुशहाली आती है. वहीं अगर शादी में देरी हो रही है, तो इस दिन तुलसी और शालिग्राम की पूजा करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
उज्जैन. हिंदू धर्म में पूरे साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं, जो हर महीने दो बार रखे जाते हैं और सभी का अपना खास महत्व होता है. इन दिनों भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष फल मिलता है. मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत और पूजा करने पर घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है. अब वैशाख महीने की पहली एकादशी करीब है, जो बहुत शुभ मानी जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की आराधना करने से मन की इच्छाएं पूरी होती हैं. साथ ही जीवन के पाप दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, वरुथिनी एकादशी पर किया गया व्रत संतान सुख, पारिवारिक खुशहाली और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है. यह व्रत न केवल मनोकामनाओं की पूर्ति करता है बल्कि आर्थिक समृद्धि और मानसिक शांति भी प्रदान करता है. एकादशी पर तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है. अगर वैशाख माह की पहली एकादशी पर तुलसी के कुछ अचूक उपाय कर लिए जाएं, तो सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है.
वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल वरुथिनी एकादशी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में आती है. इस बार वरुथिनी एकादशी तिथि 13 अप्रैल को रात 1 बजकर 17 मिनट के लगभग से शुरू होगी और इसका समापन 14 अप्रैल को रात 1 बजकर 08 मिनट के लगभग होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल दिन सोमवार को रखा जाएगा और इसका पारण 14 अप्रैल 2026 को द्वादशी तिथि में किया जाएगा.
जरूर करें ये उपाय
अगर नौकरी में बार-बार रुकावट आ रही है और मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही, तो वरुथिनी एकादशी के दिन तुलसी के पास 11, 21 या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि इससे बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं. इस दिन तुलसी के पौधे पर कलावा चढ़ाना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर की नकारात्मकता कम होती है और सकारात्मक माहौल बनता है. दांपत्य जीवन को सुखी बनाने के लिए तुलसी माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना लाभकारी होता है. इससे रिश्तों में मधुरता और खुशहाली आती है. वहीं अगर विवाह में देरी हो रही है, तो इस दिन तुलसी और शालिग्राम की पूजा करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
एकादशी के दिन भूल से भी न करें ये काम
एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए. एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाने की भूल न करें. व्रत के दिन ब्राह्मणों को कुछ दान अवश्य करना चाहिए. एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.