गुना के निजी स्कूल में मधुमक्खियों का हमला: 36 से अधिक बच्चे, अभिभावक और स्टाफ घायल; मेडिकल रूम में दिया प्राथमिक उपचार – Guna News

गुना के निजी स्कूल में मधुमक्खियों का हमला:  36 से अधिक बच्चे, अभिभावक और स्टाफ घायल; मेडिकल रूम में दिया प्राथमिक उपचार – Guna News




गुना के वंदना कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार सुबह प्रार्थना सभा से ठीक पहले मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। घटना में 36 से अधिक छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्कूल स्टाफ घायल हो गए। सुबह के समय बच्चे स्कूल परिसर में एकत्र हो रहे थे, तभी अचानक हुए इस हमले से परिसर में भगदड़ मच गई। स्कूल प्रबंधन ने घायलों को स्कूल के चिकित्सा कक्ष में प्राथमिक उपचार दिया और पालकों को बुलाकर बच्चों की छुट्टी कर दी है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और वर्तमान में स्कूल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आधे घंटे तक मची रही अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह जब बच्चे स्कूल परिसर में एकत्र हो रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने उन पर धावा बोल दिया। खुद को बचाने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मधुमक्खियों के हमले से स्कूल परिसर में करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया और जिन बच्चों की स्थिति सामान्य थी, उनके पालकों को सूचना देकर तत्काल स्कूल बुलाया गया। पालकों ने लगाए आरोप, प्रशासन ने दिए छत्ते हटाने के निर्देश हादसे की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन के बयान दर्ज किए और सुरक्षा मानकों की जांच की। प्रशासन ने स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को सुरक्षित रूप से हटवाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं, कुछ पालकों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि प्रबंधन ने उन्हें अपने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिया, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई थी। BEO बोलीं- किसी को कोई नुकसान नहीं इस मामले में BEO गरिमा टोप्पो का कहना है कि, “हमें सूचना मिली थी कि वंदना कॉन्वेंट स्कूल में कुछ बच्चों को मधुमक्खियों ने काट लिया है। जिस पर हम मौके पर पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार तीन-चार बच्चे और इतनी ही टीचर्स को काटा है। चूंकि यह इस तरह की घटना है जिसमें किसी का कंट्रोल नहीं है। स्कूल प्रबंधन ने घटना को अच्छे से संभाला और समय पर मेडिकल टीम बुलाकर बच्चों का उपचार कराया। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। किसी को कोई नुकसान नहीं है।”



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