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रायसेन जिले में सरकारी वेयरहाउस में रखा करीब 22 हजार टन गेहूं पूरी तरह सड़ गया. इसकी कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है. हैरानी की बात यह है कि इस खराब अनाज को बचाने के लिए किराया, रखरखाव और कीटनाशक छिड़काव पर करीब 150 करोड़ रुपये तक खर्च किए गए.
हजारों क्विंटल गेहूं पूरी तरह सड़ गया
दिनेश यादव/रायसेन. मध्यप्रदेश के रायसेन जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां सरकारी वेयरहाउस में रखा हजारों कुंटल गेहूं पूरी तरह सड़ गया है. बताया जा रहा है कि करीब 35 करोड़ रुपये कीमत का यह गेहूं खराब हो गया, लेकिन इसे बचाने के प्रयास में किराया, रख रखाव और कीटनाशक छिड़काव सहित अन्य पर खर्च बढ़कर लगभग 150 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
जानकारी के अनुसार, गौहरगंज ओबेदुल्लागंज के ग्राम दिवाटिया के सरकारी वेयरहाउस में रखा लगभग 22 हजार टन गेहूं लंबे समय तक पड़ा रहा. इस खराब होते अनाज को बचाने के लिए करीब 34 बार कीटनाशक छिड़काव किया गया, लेकिन हालात इतने खराब हो गए कि यह गेहूं पशुओं के चारे के लायक भी नहीं बचा. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह का खराब अनाज स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकता है. 2022 में सीहोर जिले के बकतरा से इस खराब गेहूं को रायसेन जिले के वेयर हॉउस में शिफ्ट किया गया था.
सरकारी वेयरहाउस में रखा हजारों कुंटल गेहूं पूरी तरह सड़ गया.
बड़ा सवाल यह हैं कि सीहोर जिले के खराब गेहूं को क्यों और किसकी मिलीभगत से दूसरे जिले रायसेन में शिफ्ट किया गया. जब 2022 में नूरगंज और दिवटिया के वेयर हॉउसो में यह गेंहू रखवाया जा रहा था तब यह हजारों कूंटल गेहूं खराब हो गया था, तब इसे रखने की अनुमति कैसे दी गई आखिर किसके दबाव में प्रशासन ने एक जिले से दूसरे जिले के बैयर हॉउस में बड़ी मात्रा में गेहूं को रखवाया. अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े नुकसान का जिम्मेदार कौन है. फिलहाल अधिकारी इस पूरे मामले में जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें