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Dairy Business Success Story: बुरहानपुर के किसान विनोद महाजन की डेयरी बिज़नेस की यह कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है, जिन्होंने ₹5 लाख के लोन से शुरुआत की थी. आज वे 20 भैंसों के साथ डेयरी चला रहे हैं और सालाना 7 से 8 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. उनकी डेयरी से रोजाना करीब 3 क्विंटल दूध की बिक्री होती है, जो उनकी सफलता का बड़ा कारण है. खेती और डेयरी को साथ जोड़कर उन्होंने अपनी आमदनी को दोगुना कर लिया है. यह कहानी बताती है कि सही सोच और मेहनत से गांव में रहकर भी बड़ा बिज़नेस खड़ा किया जा सकता है.
Dairy Business with agriculture Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के प्रतापपुरा इलाके में रहने वाले विनोद महाजन की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. पहले वे सिर्फ खेती-किसानी करते थे, लेकिन कुछ नया करने का जुनून उन्हें डेयरी बिज़नेस तक ले आया.
उन्होंने ₹5 लाख का लोन लेकर छोटे स्तर पर डेयरी शुरू की. शुरुआत में सिर्फ 5 पशु थे, लेकिन मेहनत और सही प्लानिंग के दम पर आज उनके पास 20 भैंस हैं और वे एक सफल डेयरी संचालक बन चुके हैं.
कैसे शुरू हुआ ये आइडिया?
विनोद बताते हैं कि खेती करते-करते उन्हें डेयरी का ख्याल आया. उन्होंने सोचा कि अगर खेती के साथ पशुपालन जोड़ा जाए, तो आमदनी बढ़ सकती है. बस फिर क्या था, उन्होंने रिस्क लिया और बैंक से लोन लेकर डेयरी शुरू कर दी. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपना काम बढ़ाते गए.
आज लाखों में हो रही कमाई
आज विनोद महाजन सालाना 7 से 8 लाख रुपये तक कमा रहे हैं. उनकी डेयरी से रोजाना करीब 3 क्विंटल दूध की बिक्री होती है. भैंस का दूध ₹90 प्रति लीटर और गाय का दूध ₹80 प्रति लीटर के हिसाब से बिकता है. खास बात यह है कि वे ग्राहकों के सामने ही ताजा दूध निकालकर देते हैं, जिससे लोगों का भरोसा और भी बढ़ गया है.
खेती और डेयरी से कमा रहे डबल मुनाफा
विनोद के पास करीब 20 एकड़ जमीन है, जिसमें वे केले की खेती करते हैं. खेती और डेयरी को साथ जोड़कर उन्होंने अपनी आमदनी को और मजबूत बना लिया है.
यह मॉडल अब आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है कि कैसे एक साथ दो काम करके बेहतर कमाई की जा सकती है.
रोजगार भी दे रहे हैं
सिर्फ खुद ही नहीं, विनोद अपने डेयरी बिज़नेस से 4 से 5 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. इससे गांव में लोगों को काम मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है. विनोद अपने पशुओं की देखभाल में कोई कमी नहीं रखते. गर्मी में ठंडक के लिए फव्वारे लगाते हैं, जबकि सर्दियों में हीटर का इंतजाम करते हैं. यही वजह है कि उनके पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध की क्वालिटी भी बेहतर बनी रहती है.
मेहनत से बदली जिंदगी
₹5 लाख के लोन से शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज एक सफल बिज़नेस बन चुका है. विनोद महाजन की कहानी यह साबित करती है कि अगर सही सोच और मेहनत हो, तो गांव में रहकर भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें