MA किसान का कमाल, यू-ट्यूब पर ढूंढ निकाली कम मेहनत में ज्यादा कमाई वाली खेती

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MA किसान का कमाल, यू-ट्यूब पर ढूंढ निकाली कम मेहनत में ज्यादा कमाई वाली खेती

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Agri Tips: शिवपुरी के किसान ने अमेरिकन केसर का ऑनलाइन बीज मंगवाया और खेत में प्रयोग के तौर पर इसकी बुवाई कर दी. शुरुआत में उन्होंने सिर्फ आधा बीघा जमीन में यह फसल लगाई, ताकि पहले परिणाम देख सकें. फिलहाल…

Agri Tips: शिवपुरी के किसान उमेश मिश्रा ने पढ़ाई के बाद नौकरी की राह नहीं चुनी, बल्कि खेती में कूद पड़े. MA (हिंदी) करने वाले उमेश ने खेती में कई प्रयोग किए. वह सफल भी हुए और मिसाल बने. उमेश अब ‘अमेरिकन केसर (कुसुम) फूल’ की खेती कर रहे हैं. इससे अच्छी कमाई की उम्मीद जगी है. यह फूल दिखने में केसर जैसा लगता है. लोग इसे अमेरिकन केसर भी कहते हैं. उमेश बताते हैं कि उन्हें इस फसल की जानकारी यूट्यूब से मिली. वहां से उन्होंने इसकी खेती का तरीका, बीज की किस्म और देखभाल के बारे में सीखा.

उन्होंने ऑनलाइन बीज मंगवाया और खेत में प्रयोग के तौर पर इसकी बुवाई कर दी. शुरुआत में उन्होंने सिर्फ आधा बीघा जमीन में यह फसल लगाई, ताकि पहले परिणाम देख सकें. यह पौधा ज्यादा नाजुक नहीं होता और कम लागत में तैयार हो जाता है. सिंचाई भी सामान्य फसल की तरह ही करनी पड़ती है. कुछ ही महीनों में पौधों पर सुंदर लाल-नारंगी रंग के फूल आने लगते हैं, जो देखने में केसर जैसे लगते हैं. यही वजह है कि लोग इसे अमेरिकन केसर नाम से पहचानते हैं.

आधा बीघा में ही इतनी कमाई
शिवपुरी के करेरा क्षेत्र में रहने वाले किसान उमेश बताते हैं कि इस फसल की खास ये कि इसके फूल और बीज दोनों बिकते हैं. फूल का उपयोग रंग और सजावट के काम में होता है, जबकि इसके बीज की बाजार में अच्छी मांग है. ये फसल नीमच मंडी में आसानी से बिक जाती है, जहां व्यापारी इसे खरीद लेते हैं. उदाहरण के तौर पर, आधा बीघा खेत में उन्हें करीब 30 से 40 किलो तक फूल मिलने की उम्मीद है. साथ ही लगभग 3 क्विंटल तक बीज निकल सकता है. बाजार में इसका भाव लगभग 6000 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है. इस हिसाब से आधा बीघा में ही 50 हजार रुपये से ज्यादा की आमदनी संभव है.

परिणाम के बाद ज्यादा खेती
उमेश के परिवार में उनका एक भाई घर के काम में मदद करता है, जबकि खेती की जिम्मेदारी उमेश खुद संभालते हैं. वे कहते हैं कि यह खेती ज्यादा मेहनत वाली नहीं है और लागत भी कम लगती है. सही जानकारी और थोड़ी देखभाल से यह फसल अच्छा मुनाफा दे सकती है. उनका कहना है कि अभी उन्होंने इसे केवल प्रयोग के तौर पर लगाया है. अगर परिणाम उम्मीद के मुताबिक रहे, तो वे आगे आने वाले समय में इसकी खेती बड़े पैमाने पर करेंगे. आसपास के किसान भी उनके खेत में इस फसल को देखने आ रहे हैं और जानकारी ले रहे हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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