धार नगर पालिका बजट बैठक में हंगामा: सवालों के बीच पास हुआ प्रस्ताव; आश्वासन के बाद धरना खत्म – Dhar News

धार नगर पालिका बजट बैठक में हंगामा:  सवालों के बीच पास हुआ प्रस्ताव; आश्वासन के बाद धरना खत्म – Dhar News




धार नगर पालिका कार्यालय में गुरुवार को अध्यक्ष नेहा महेश बोड़ाने की अध्यक्षता में आयोजित साधारण सम्मेलन की बैठक हंगामेदार रही। करीब डेढ़ घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन और बहस के बाद आखिरकार नगर पालिका का बजट पास कर दिया गया। हालांकि, बैठक के दौरान पार्षदों ने विकास कार्यों, वित्तीय स्थिति और खर्चों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। बैठक शुरू होते ही भाजपा पार्षदों ने वार्डों में विकास कार्य न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में किन-किन वार्डों में क्या काम हुए और कितनी राशि खर्च हुई, इसकी जानकारी दिए बिना बजट पास करना उचित नहीं है। इसी मांग को लेकर भाजपा पार्षद धरने पर बैठ गए। बाद में नगर पालिका प्रशासन द्वारा विस्तृत अनुमान (स्टीमेट) उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। वहीं, कांग्रेस पार्षदों ने नगर पालिका की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पार्षद ईश्वरसिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष करीम कुरैशी और सारिका ठाकुर सहित अन्य पार्षदों ने बताया कि नगर पालिका की हालत ऐसी है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन, जीपीएफ और एरियर तक नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद बसंत पंचमी आयोजन के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, जिसके लिए कोई स्पष्ट प्रशासकीय स्वीकृति नहीं थी। कांग्रेस पार्षदों ने सीएमओ व अध्यक्ष को आवेदन सौंपा
कांग्रेस पार्षदों ने एजेंडा के आठवें बिंदु, बसंत पंचमी पर हुए खर्च पर असहमति जताई और इसे अस्वीकार्य बताते हुए सीएमओ व अध्यक्ष को आवेदन सौंपा। हालांकि, बाद में इस मुद्दे पर आंशिक सहमति बन गई। कुल नौ एजेंडा बिंदुओं में से सात पर सहमति बनी, जबकि दो बिंदुओं पर असहमति बनी रही। बैठक में वार्डों की मूलभूत समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। विधायक प्रतिनिधि शिव पटेल और भाजपा पार्षद अजीत जैन ने कहा कि हर साल बजट तो पेश होता है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आते। उन्होंने बताया कि कई बार आवेदन देने के बावजूद कार्य नहीं हो पाए हैं। एक महिला पार्षद ने अपने वार्ड में पाइपलाइन न डाले जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बार-बार लिखित आवेदन देने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



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