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Complete side dismissed twice in a day in Test: टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में ‘एक दिन में दो बार ऑलआउट’ होना किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ा कलंक माना जाता है.साल 1952 में मैनचेस्टर की पिच पर इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने पहली बार यह शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम किया था. इसके बाद जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान की टीम भी इस अनचाहे क्लब का हिस्सा बनीं. जानिए उन ऐतिहासिक मैचों के बारे में, जहां बल्लेबाजों के समर्पण ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था.
दुनिया की 3 क्रिकेट टीमें जो टेस्ट मैच में एक ही दिन दो बार हुईं आउट.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट को ‘धैर्य का खेल’ कहा जाता है. जहां बल्लेबाज घंटों क्रीज पर बिताकर रन बनाता है. लेकिन क्रिकेट के 149 साल के लंबे इतिहास में कुछ ऐसे काले दिन भी आए हैं. जब बल्लेबाजों ने अपनी टीम की साख मिट्टी में मिला दी. टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम का एक पारी में ऑलआउट होना सामान्य है, लेकिन एक ही दिन में दो बार ऑलआउट हो जाना किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ी शर्मिंदगी की बात होती है. अब तक टेस्ट इतिहास में केवल तीन टीमें ही ऐसी रही हैं जिन्होंने इस अनचाहे और शर्मनाक रिकॉर्ड को अपने नाम किया है. आइए जानते हैं उन मैचों के बारे में जो रिकॉर्ड बुक में ‘कलंक’ के पन्ने लिखे गए.
इस लिस्ट में सबसे पहला और पुराना नाम भारतीय क्रिकेट टीम का है. साल 1952 में विजय हजारे की कप्तानी वाली भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी. मैनचेस्टर में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारत के साथ वो हुआ जो क्रिकेट जगत ने पहले कभी नहीं देखा था. इस टेस्ट मैच के तीसरे दिन भारत की पहली पारी महज 58 रन पर ढेर हो गई. टीम इंडिया फॉलोऑन खेलते हुए फिर उसी दिन 82 रन पर सिमट गई. इंग्लैंड के दिग्गज गेंदबाज फ्रेड ट्रूमैन ने भारतीय बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं. भारत ने एक ही दिन (तीसरे दिन) में अपने पूरे 20 विकेट खो दिए. यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का पहला मौका था जब कोई टीम एक दिन में दो बार ऑलआउट हुई. यह रिकॉर्ड आज भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे शर्मनाक अध्याय माना जाता है.
दुनिया की 3 क्रिकेट टीमें जो टेस्ट मैच में एक ही दिन दो बार हुईं आउट.
भारत के इस शर्मनाक रिकॉर्ड के 53 साल बाद जिम्बाब्वे ने जगह बनाई
भारत के इस शर्मनाक रिकॉर्ड के 53 साल बाद जिम्बाब्वे की टीम ने इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई. खास बात यह है कि जिम्बाब्वे दुनिया की एकमात्र ऐसी टीम है जिसके साथ यह वाकया दो बार हुआ है, और दोनों ही बार उनके सामने न्यूजीलैंड की टीम थी. साल 2005 में न्यूजीलैंड की टीम जिम्बाब्वे के दौरे पर थी. हरारे टेस्ट के दूसरे ही दिन जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई. पहली पारी में जिम्बाब्वे 59 रन पर सिमटी.दूसरी पारी में टीम ने कुछ सुधार की कोशिश की लेकिन 99 रन पर फिर से ऑलआउट हो गई. डेनियल विटोरी की स्पिन और कीवी तेज गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे ने एक ही दिन में घुटने टेक दिए. इतिहास ने खुद को 2012 में फिर दोहराया. इस बार मैदान न्यूजीलैंड का था. नेपियर टेस्ट के दूसरे दिन न्यूजीलैंड के विशाल स्कोर के जवाब में जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में 51 रन और दूसरी पारी में 143 रन बनाकर एक ही दिन में दो बार पवेलियन लौट गई.
भारत ने अफगानिस्तान को डेब्यू टेस्ट में एक दिन में दो बार किया आउट
अफगानिस्तान के लिए बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम ऐतिहासिक था क्योंकि यह उनका पहला टेस्ट मैच (डेब्यू टेस्ट) था. लेकिन टीम इंडिया के गेंदबाजों ने इस ऐतिहासिक दिन को उनके लिए किसी बुरे सपने जैसा बना दिया. मैच के दूसरे दिन भारतीय गेंदबाजों (खासकर अश्विन और जडेजा) का ऐसा कहर टूटा कि अफगानी बल्लेबाज पिच पर टिकना ही भूल गए. पहली पारी में अफगानिस्तान की टीम 109 रन पर ऑलआउट हुई.दूसरी पारी में फॉलोऑन के बाद भी स्थिति नहीं बदली और टीम 103 रन पर ढेर हो गई.
अफगानिस्तान तीसरी टीम बनी
इस मैच में भारत ने अफगानिस्तान को एक ही दिन में दो बार ऑलआउट कर न केवल मैच पारी और 262 रनों से जीता, बल्कि अफगानिस्तान को इस शर्मनाक क्लब का तीसरा सदस्य बना दिया. एक ही दिन में 20 विकेट गिरना किसी भी टीम के तकनीकी कौशल और मानसिक मजबूती पर बड़े सवाल खड़ा करता है.अक्सर ऐसी स्थितियां तब बनती हैं जब पिच में बहुत ज्यादा नमी हो या स्पिनरों को असाधारण मदद मिल रही हो. भारत ने जहां 1952 में यह दाग अपने नाम किया था, वहीं 2018 में उन्होंने खुद अफगानिस्तान को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें