रतलाम निगम का बजट पास, हंगामे में विपक्ष का वॉकआउट: महापौर बोले- मैं जाट हूं… नगर विकास में जो भी बाधा बनेंगे, धरना देंगे तो लट्‌ठ पड़ेंगे – Ratlam News

रतलाम निगम का बजट पास, हंगामे में विपक्ष का वॉकआउट:  महापौर बोले- मैं जाट हूं… नगर विकास में जो भी बाधा बनेंगे, धरना देंगे तो लट्‌ठ पड़ेंगे – Ratlam News




रतलाम में शुक्रवार को हुए नगर पालिका निगम के बजट सम्मेलन में वर्ष 2026-27 का आय-व्यय पत्रक (बजट) शुक्रवार को बहुमत से पारित कर दिया। सुबह से लेकर शाम तक चले सम्मेलन में विपक्ष ने भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। शाम को जब महापौर प्रहलाद पटेल के भाषण की बारी आई तो विपक्षी कांग्रेस पार्षदों ने सदन का वॉक आउट कर दिया। महापौर ने कांग्रेस पार्षदों का कहा बिना बात सुने कहां जा रहे हो, लेकिन फिर भी विपक्षी नहीं रुके। महापौर ने अपने भाषण में कहा कि इन्हें सिर्फ हंगामा करना आता है। जनता और नगर विकास से इन्हें कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में इन्होंने विरोध प्रदर्शन किया या धरना दिया तो सत्ता पक्ष वाले तो लट्‌ठ पड़वाते हैं। मैं भी जाट हूं, ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप हम सहन नहीं करेंगे। नगर विकास में जो भी रुकावट या बाधा पहुंचाएगा उससे निपटना भी आता है। मैं जाट हूं, ध्यान रखें। जनता ने हमे चुना है तो हम जनता के लिए काम कर रहे हैं। महापौर ने विपक्षी दल के पार्षदों के बिना बात सुने जाने को लेकर दुर्भाग्य पूर्ण बताया। इंदिरा गांधी का पत्र दिखाया
महापौर पटेल ने सभी पार्षदों को 20 मई 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा पंडित बखले को लिखा एक पत्र भी वितरित किया, जिसमें स्व. गांधी ने उल्लेख किया है कि वीर सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार के खिलाफ दिखाया साहसिक प्रतिरोध हमारी स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा को अपना महत्वपूर्ण योगदान रखता है। इस महान भारत पुत्र की जन्म शताब्दी मनाने की आपकी योजना की सफलता के लिए शुभकामनाए देती हूं। महापौर ने कहां कि मंगलवार को जो कांग्रेसी वीर सावरकरजी को देशद्रोही कह रहे थे, वो इस पत्र को पढ़कर जाने और समझे कि जिन इंदिरा जी के नाम ये रोजी रोटी चला रहे हैं, उन्हीं महान इंदिरा जी ने वीर सावरकरजी को भारत का महान पुत्र बताया था। बिना देखे लगा रहे आरोप
महापौर ने यह भी कहा कि मैंने किन परिस्थितियों में चुनाव लड़ा है। जनता ने चुना है तो जनता का काम कर रहे हैं। इन लोगों ने किताब (आय-व्यय बजट पत्रक) खोल कर नहीं दिखी और आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। बाद में पक्ष के पार्षदों ने बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा। सभी मेज थपथपाकर बजट को पेश कर दिया। विपक्ष ने महापौर व एमआईसी को घेरा
विपक्षी पार्षदों ने महापौर समेत एमआईसी सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विपक्ष के नेता पार्षद शांतिलाल वर्मा ने महापौर व एमआईसी सदस्यों को घेरा। वर्मा ने कहा कि शहर में कई वार्डों में सड़के नहीं है। गंगासागर कॉलोनी में 5 करोड़ खर्च कर रोड बनाई जा रही है। वहां पर किसे फायदा पहुंचाया जा रहा है। हम न्यायालय की शरण में जाएंगे। धरना प्रदर्शन करेंगे। जब आखरी में महापौर के भाषण की बारी आई तो सभी कांग्रेसी पार्षद सदन छोड़ कर चले गए। तभी महापौर ने उक्त बातों को अपने भाषण में कहा। इसके पहले कई विपक्षी दलों के पार्षदों ने कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान पर वीर सावरकर जी को लेकर की गई टिप्पणी पर एफआईआर को लेकर भी आपत्ति जताई। सम्मलेन सुबह 11 बजे से शुरू हुआ जो शाम 6.30 बजे तक चला। पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने अपनी-अपनी बात व वार्डों की समस्याएं रखी। सम्मेलन में हंगामे की संभावना के चलते पुलिस बल भी तैनात रहा।



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