सिलेंडर से गैस ‘लीक’- ट्रांसपोर्टर-ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध?: भोपाल में 27 सिलेंडर में 2.5Kg तक कम मिली थी LPG; डिपो से रिकॉर्ड मांगा – Bhopal News

सिलेंडर से गैस ‘लीक’- ट्रांसपोर्टर-ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध?:  भोपाल में 27 सिलेंडर में 2.5Kg तक कम मिली थी LPG; डिपो से रिकॉर्ड मांगा – Bhopal News




भोपाल में घरेलू सिलेंडर से गैस ‘लीक’ के मामले में ट्रांसपोर्टर और ड्राइवर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। खाद्य विभाग की जांच में सामने आया कि सिलेंडर सीधे डिपो से ही ट्रांसपोर्टस के जरिए गैस एजेंसी को भेजे गए थे। ऐसे में एजेंसी की संलिप्ता की संभावना कम ही है। मामले में खाद्य विभाग ने डिपो से रिकॉर्ड मांगा है। ताकि, सच्चाई पता चल सके। बता दें कि गुरुवार को डिपो से सैनी गैस एजेंसी तक गैस सप्लाई के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। भौंरी के बकानिया स्थित इंडेन ऑयल कंपनी के डिपो से निकले 342 घरेलू सिलेंडरों के ट्रक में से 27 सिलेंडरों में 1 से 2.5 किलो तक गैस कम मिली थी। औसतन 2 किलो के हिसाब से करीब 54 किलो गैस गायब पाई गई, जो लगभग 4 पूरे सिलेंडरों के बराबर है। इसके साथ ही 5 सिलेंडर बिना सील के मिले, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि डिपो से रिकॉर्ड मांग रहे हैं। पूछेंगे कि जब सिलेंडर से भरा ट्रक डिपो से निकला, तब वजन कितना था? और गैस एजेंसी तक पहुंचने पर कितना वजन रहा? डिपो से ट्रांसपोर्टर के जरिए ही ट्रक निकला था। ड्राइवर भी ट्रांसपोर्ट का ही था। इसलिए जिम्मेदार ट्रांसपोर्ट व ड्राइवर की ही बनती है। इन सब बिंदुओं पर जांच की जा रही है। रात 8 बजे डिपो से ट्रक निकला, अगले दिन क्यों पहुंचा?
पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण डिपो से ट्रक बाहर निकलने और फिर गैस एजेंसी के गोडाउन तक पहुंचने का समय है। भौंरी स्थित डिपो से रात 8 बजे ट्रक निकला था। अगले तीन से चार घंटे में यह एजेंसी तक पहुंच सकता था, लेकिन पहुंचा अगले दिन। इस बीच 13 घंटे बीत गए। इससे समझा जा सकता है कि गैस की चोरी बीच में ही हुई है। इस मामले में गैस एजेंसी संचालक ने भी सिलेंडर में गैस की कमी होने के संबंध में उसकी भूमिका नहीं होने की बात कही है। डिपो और गोदाम की दूरी सिर्फ 25 किमी
सैनी इंडेन गैस एजेंसी का गोदाम इमलिया में है। इसकी और डिपो की दूरी सिर्फ 25 किमी है। इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा है। इस मामले में खाद्य विभाग एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी कर रहा है। ट्रक की देरी पर उठे सवाल यह है नियम… डिपो में हर सिलेंडर का नंबर ट्रेस कर तौलते हैं
आईओसीएल डिपो से एजेंसियों तक सिलेंडर सप्लाई का ठेका श्रीबालाजी ट्रांसपोर्ट ग्वालियर को दिया गया है। डिपो में हर सिलेंडर का नंबर ट्रेस कर तौल किया जाता है। शिकायत और जांच का तरीका
गैस कम मिलने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर कर सकते हैं। सिलेंडर लेते समय तौल कांटे से वजन जरूर जांचें, ताकि 14.2 किलो गैस की सही मात्रा सुनिश्चित हो सके।



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