पुलिसवालों ने बेरहमी से पीटा! आहत युवक ने जहर खाकर दे दी जान, धरने पर परिवार

पुलिसवालों ने बेरहमी से पीटा! आहत युवक ने जहर खाकर दे दी जान, धरने पर परिवार


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Chhatarpur News: तीन पुलिसकर्मियों पर अर्जुन की बेरहमी से पिटाई का आरोप है. पिटाई से आहत युवक ने जहर खा लिया. परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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पति की मौत से पत्नी बदहवास है.

रिपोर्ट- एनएस परमार, छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर में पुलिसकर्मियों की पिटाई से एक युवक इस कदर आहत हुआ कि उसने जहर खाकर जान दे दी. युवक की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया. हजारों की संख्या में मौजूद आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों ने जाम लगाया है. मृतक का नाम अर्जुन श्रीवास है. तीन पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप लगा है. प्रदर्शनकारी परिवार को मुआवजा और दोषी पुलिसवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. मौके पर भारी संख्या में पुलिसबल मौजूद है.

मिली जानकारी के अनुसार, तीन पुलिसवालों ने अर्जुन को बुरी तरह पीटा था. पिटाई से आहत युवक ने जहर खा लिया. परिजन उसे फौरन अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने बस स्टैंड गौरिहार पर ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को बीच सड़क पर रख चक्काजाम कर दिया. पीड़ितों का धरना प्रदर्शन जारी है. पुलिस उन्हें समझाइश दे रही है. परिवार तेज धूप में कई घंटों से जाम लगाकर धरने पर बैठा है. पुलिस के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है.

‘इंसाफ नहीं मिला, तो हम सब यहीं मर जाएंगे’
मृतक युवक के भाई ने कहा, ‘यह चक्काजाम चलता रहेगा, जब तक मेरे भाई को न्याय नहीं मिलेगा. हमें सुबह से बैठे हुए 3-4 घंटे हो गए हैं. हमारी बात सुनने के लिए कोई नहीं आया. हम लोग भी यहीं पर जान दे देंगे, अगर मेरे भाई को इंसाफ नहीं मिलेगा. तभी यह चक्काजाम खत्म होगा. अगर हमें इंसाफ नहीं मिला, तो हम सब यहीं मर जाएंगे.’

‘हमें न्याय क्यों नहीं दिया जा रहा’
उसने आगे कहा, ‘मैं पुलिस-प्रशासन हमारे विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से पूछना चाहता हूं कि हमें न्याय क्यों नहीं दिया जा रहा. क्या न्याय इसलिए नहीं दिया जा रहा क्योंकि हम धोबी समाज से आते हैं. हमारे साथ कोई क्यों नहीं खड़ा है. हमने धरने के लिए टेंट मंगाया लेकिन पुलिस ने टेंट वालों को धमकाकर हमें टेंट देने से मना करवा दिया. मृतक अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गया है. अब कैसे उनका पालन होगा. कौन रखेगा उन्हें. उन्हें न्याय मिलना चाहिए. हमारी बस इतनी मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा मिले ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.’

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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