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Kailash Vijayvargiya: कैलाश विजयवर्गीय की दिए गए एक बयान के बाद मुसीबत बढ़ सकती है, जहां कांग्रेस ने उनकी शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त से की है और चुनावी हलफनामे में अपराध छिपाने का आरोप लगाया है. कैलाश ने एक बयान में कहा था कि उनके ऊपर 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.
कैलाश विजयवर्गीय के लिए अपना बयान ही बना मुसीबत
कैलाश विजयवर्गीय हमेशा से ही अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. उनके बयान हमेशा से ही मीडिया में सुर्खियों बनाते रहे हैं. अब अपने ही एक बयान की वजह से कैलाश फंसते हुए नजर आ रहे हैं. उनकी मुसीबत बढ़ सकती है. दरअसल, कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त से नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की शिकायत की है और चुनावी हलफनामे में अपराध छिपाने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
कांग्रेस की तरफ से चुनाव आयोग को जो पत्र लिखा गया है. उसमें उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रतलाम में एक बयान देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 34 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई में गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए हैं. उन्होंने इंदौर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और अपने चुनावी हलफनामे में इसका उल्लेख नहीं किया. पत्र में मांग की गई है कि यदि यह जानकारी सही है, तो चुनाव आयोग इसकी जांच करे और हलफनामे में जानकारी छिपाने के आरोप में उचित कार्रवाई करते हुए उनका निर्वाचन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करे.
अंत में यह भी पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि कांग्रेस ने इस मामले को उठाया तो इसे राजनीतिक मुद्दा बताया जा सकता है, जबकि स्वयं कैलाश विजयवर्गीय द्वारा इन मामलों को स्वीकार किया गया है. पत्र के अंत में धन्यवाद देते हुए प्रमोद कुमार द्विवेदी द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं.
कैलाश विजयवर्गीय ने दिया था क्या बयान?
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा रतलाम पहुंचकर कहा था कि पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनने वाली है. उन्होंने कहा कि मैं वहां नहीं जा रहा हूं. इसके बहुत सारे कारण हैं. कई गिरफ्तारी वारंट हैं और मेरे ऊपर 38 फर्जी मुकदमे लगाए हुए हैं. मैं जाऊं और गिरफ्तार कर लें. इसके बाद पार्टी ने कहा कि जाओ मत वरना दूसरा विवाद खड़ा हो जाएगा.
(रिपोर्ट-मिथिलेश गुप्ता)