रात में सोती लड़कियां, सुबह कपड़े खुले मिलते: चाइल्ड होम से भागीं, नींद की गोली देकर रोज अलग-अलग लड़की से रेप करते थे – Madhya Pradesh News

रात में सोती लड़कियां, सुबह कपड़े खुले मिलते:  चाइल्ड होम से भागीं, नींद की गोली देकर रोज अलग-अलग लड़की से रेप करते थे – Madhya Pradesh News




मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज शिवपुरी के उस सनसनीखेज केस की कहानी, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। एक बाल आश्रम से भागी दो लड़कियां जब पुलिस के सामने आईं तो एक खौफनाक सच उजागर हुआ। शहर के बीचों-बीच बना यह चाइल्ड केयर सेंटर बाहर से सुरक्षित ठिकाना लगता था, लेकिन रात के सन्नाटे में यहां घिनौना काम होता था। जहां लड़कियां सुरक्षा के लिए लाई जाती थीं, वहीं उनसे मिलने बड़े नेता, अधिकारी और कारोबारी पहुंचते थे। सरकार से हर साल डोनेशन भी मिलता था, लेकिन इन दीवारों के भीतर कुछ और ही हो रहा था। आखिर क्या थी इस बालगृह की सच्चाई? इस रिपोर्ट में पढ़िए… चाइल्ड केयर सेंटर से भागी, लेकिन पकड़ी गईं
1 अक्टूबर 2016 को शिवपुरी में एक चाइल्ड केयर सेंटर से 15-16 साल की दो लड़कियां अचानक भाग गईं। संचालक की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तुरंत तलाश शुरू की और आसपास के थानों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन को अलर्ट किया। लड़कियों के पास न पैसे थे, न फोन, इसलिए उन्हें जल्द ही अशोकनगर से बरामद कर लिया गया। लेकिन असली कहानी तब सामने आई, जब पुलिस ने उन्हें वापस शिवपुरी लाकर चाइल्ड होम भेजा। दोनों लड़कियां डरी-सहमी थीं और दोबारा आश्रम नहीं जाना चाहती थीं।
अनाथ और नाबालिग लड़कियां रखी जाती थीं
शहर के बीचों-बीच पटेल नगर में स्थित माधव बाल आश्रम में अनाथ बच्चियों को आश्रय दिया जाता था। यहां पुलिस द्वारा बरामद नाबालिग लड़कियां भी रखी जाती थीं। आश्रम का संचालन समाजसेवी और एडवोकेट शैला अग्रवाल अपने पिता केएन अग्रवाल के साथ करती थीं। 1997 में उनकी संस्था को बालगृह चलाने की अनुमति मिली थी और 2016 में यहां 23 लड़कियां रह रही थीं। संचालक के ऊंचे संबंध और सरकारी सहयोग
आश्रम की संचालक शैला अग्रवाल की पहचान एक प्रभावशाली सोशल वर्कर के रूप में थी। एसपी, कलेक्टर सहित कई बड़े अधिकारी और नेता आश्रम के कार्यक्रमों में शामिल होते थे। रक्षाबंधन जैसे आयोजनों में अधिकारी लड़कियों से राखी भी बंधवाते थे। काउंसलिंग में लड़की की चुप्पी से गहराया संदेह
चाइल्ड काउंसलर उमा मिश्रा के शैला अग्रवाल से अच्छे संबंध थे। 12 अक्टूबर को वे आश्रम में लड़कियों की काउंसलिंग के लिए पहुंचीं। बातचीत के दौरान उन्हें माहौल संदिग्ध लगा। एक लड़की ने इशारों में बताया कि यहां सब ठीक नहीं है और सच बताने पर मारपीट होती है। तभी शैला वहां आ गईं, तो लड़की चुप हो गई, लेकिन उमा को गड़बड़ी का अंदेशा हो गया। 13 अक्टूबर को उमा ने यह जानकारी बाल कल्याण समिति के चेयरमैन जिनेंद्र जैन और अन्य सदस्यों को दी। इसी दौरान एक भागी हुई बालिका के माता-पिता उसे लेने पहुंचे। काउंसलिंग के दौरान उस बालिका ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। सुबह जागने पर प्राइवेट पार्ट में दर्द
काउंसलिंग के दौरान बालिका ने बालगृह के नारकीय माहौल का खुलासा किया। उसने बताया कि यहां शर्म और लिहाज की सारी दीवारें टूट चुकी हैं। रात में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म आम बात हो गई है।
मना करने पर आश्रम में मारपीट भी की जाती
आश्रम से भागी दूसरी लड़की ने बताया कि एक रात खाने के बाद जब वह सो गई, अंधेरे में किसी ने उसका ब्लाउज खींचा, तो फट गया। रोते हुए उसने इनकार किया तो मारपीट की, गालियां दीं और कहा- ‘तू कौन सी अच्छी है, इतने लड़कों के साथ सोकर आई है।’ बालगृह में अक्सर लड़कियों के कपड़े खुले मिलते, किसी को समझ नहीं आता था। रात के खाने में नशीला पदार्थ मिलाया जाता था, जिससे बेहाेशी जैसी छा जाती थी। कलेक्टर और एसपी को तत्काल सूचना दी गई
ये सुनकर उमा सन्न रह गईं-मानो पैरों तले जमीन खिसक गई हो। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिस आश्रम को बच्चियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता था, जहां उन्हें संरक्षण देने के लिए भेजा जाता था, वहीं उनके साथ ऐसे अमानवीय कृत्य हो रहे हैं। मामला बेहद गंभीर था। उमा ने बिना देर किए इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अन्य लड़कियों की भी काउंसलिंग तत्काल शुरू हुई
सूचना मिलते ही पूरा प्रशासन सकते में आ गया। जिस जगह पर अक्सर बड़े अधिकारी, व्यवसायी और जनप्रतिनिधि विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचते थे, वहीं इस तरह की भयावह घटनाएं सामने आना सभी के लिए चौंकाने वाला था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल छापा मारा और आश्रम की अन्य बच्चियों की भी काउंसलिंग शुरू कर दी, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। अब प्रशासन के सामने ये सवाल थे कल क्राइम फाइल्स के पार्ट-2 में इन सवालों के जवाब सामने आएंगे… ये भी पढ़ें… 1. छात्रा से जंगल में गैंगरेप फिर हत्या: बॉयफ्रेंड के साथ 14 दिन से थी लापता, पार्ट- 1 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी छतरपुर के एक ऐसे केस की, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। कहते हैं, हर प्रेम कहानी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंचती-कुछ रास्ते में ही दम तोड़ देती हैं और पीछे छोड़ जाती हैं ऐसा सच, जिसे सुनकर रूह कांप उठे। पढ़ें पूरी खबर… 2. बॉयफ्रेंड संग युवती को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा, पार्ट- 2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि छतरपुर के जंगलों में मिले दो कंकाल ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया था। ये कंकाल 14 दिन से लापता साक्षी और मोनू के थे। शुरू में परिजनों को लगा कि दोनों प्यार के चक्कर में साथ भाग गए होंगे, इसलिए बदनामी के डर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई। पढ़ें पूरी खबर…



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