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मध्य प्रदेश के सांची में पत्रकार की मौत ने तूल पकड़ लिया है. उनकी एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने की वजह से मौत हो गई थी. बताया जा रहा है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची. वह अस्पताल समय पर नहीं पहुंच सके. इसी वजह से उनकी मौत हो. अब इस पर परिवार का रिएक्शन सामने आया है और परिवार की तरफ से कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
पत्रकार की मौत पर परिजनों के गंभीर आरोप
पत्रकार दीपक सोनी रायसेन में एक कृषि मेले में हिस्सा लेने जा रहे थे. तभी वह एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए. फिर उन्हें आनन-फानन में तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उनकी हालत काफी खराब थी. इसी वजह से भोपाल ले जाया जाना था. लेकिन बताया जा रहा है कि लगभग दो से तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई. बाद में परिजन उन्हें निजी अस्पताल से भोपाल ले गए. इसके बाद उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई.
VIP ड्यूटी में लगी थी एंबुलेंस
दीपक सोनी के परिजनों की तरफ से आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में मौजूद एंबुलेंस को एक कृषि कार्यक्रम से संबंधित VIP ड्यूटी में लगाया गया था. कृषि कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे. परिजनों की तरफ से बताया गया कि एंबुलेंस में देरी की वजह से उनकी मौत हुई है.
अब पत्रकार दीपक सोनी की मौत के बाद कई पत्रकारों और लोगों में गुस्सा है. रायसेन के पत्रकारों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम से ज्ञापन भी सौंपा है. जिसमें मामले में गंभीर कार्रवाई करने की बात कही है.
राज्यमंत्री नरेंद्र पटेल का बयान आया सामने
इस मामले में राज्य मंत्री नरेंद्र पटेल ने शोक व्यक्त किया और कहा कि अगर लापरवाही साबित होती है, तो चाहे वह अस्पताल अधिकारियों की ओर से हो या फिर एंबुलेंस की ओर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में संवेदनशीलता के साथ संवाद करना चाहिए.