ऑटो पर दौड़ती कमाई की मशीन, रवि ने गन्ने के जूस से शुरू किया अनोखा स्टार्टअप

ऑटो पर दौड़ती कमाई की मशीन, रवि ने गन्ने के जूस से शुरू किया अनोखा स्टार्टअप


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Satna News: रवि कुशवाहा ने लोकल 18 से कहा कि उनके पूरे सेटअप में दिनभर में केवल एक लीटर डीजल खर्च होता है, जिससे लगभग पांच हजार रुपये तक का काम हो जाता है. वह हर रोज सुबह 10 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक अपना ऑटो जूस सेंटर चलाते हैं.

सतना. जहां चाह, वहां राह जैसी कहावत मध्य प्रदेश के सतना के रवि कुशवाहा की कहानी पर बिल्कुल सटीक बैठती है. संघर्षों से भरे जीवन में कई बार हालातों ने उन्हें रोका लेकिन उन्होंने हर बार नया रास्ता तलाशा. आज उनका देसी स्टार्टअप न सिर्फ लोगों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि सीमित संसाधनों में भी बड़ा काम किया जा सकता है. टिकुरिया टोला मोड़ बाईपास पर चलने वाला उनका ऑटो जूस सेंटर अब स्थानीय लोगों की पहली पसंद बन चुका है. उच्वा टोला निवासी रवि कुशवाहा की जिंदगी आसान नहीं रही. कम उम्र में शादी हो गई और कुछ ही समय बाद परिवार से अलग होकर खुद की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ीं. आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने कई छोटे-बड़े काम किए लेकिन कहीं भी स्थिर और संतोषजनक कमाई नहीं मिल पाई. कुछ समय बाद उन्हें राइस मिल में कलर शटर मशीन ऑपरेटर की नौकरी मिली, जिससे आय तो ठीक होने लगी लेकिन परिवार के बढ़ते खर्चों के सामने वह भी कम पड़ने लगी. ऐसे में रवि ने नौकरी छोड़कर खुद का कुछ करने का फैसला लिया और ऑटो खरीदकर चलाना शुरू किया.

करीब 3-4 साल तक ऑटो चलाने के बाद रवि को यह समझ आया कि केवल ड्राइविंग से आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पाएगी. इसी दौरान उनके मन में एक नया आइडिया आया कि क्यों न खेती और तकनीक को मिलाकर कुछ अलग किया जाए. फिर उन्होंने एक एकड़ जमीन किराये पर ली और उसमें गन्ने की खेती शुरू कर दी. योजना थी कि खुद के उत्पादन से गन्ने का जूस तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जाए ताकि मुनाफा भी बढ़े और लागत भी कम हो.

तकनीक का सही इस्तेमाल
रवि को पहले से मशीनों की अच्छी समझ थी क्योंकि वह राइस मिल में मिस्त्री के तौर पर काम कर चुके थे. इसी तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हुए उन्होंने एक अनोखा प्रयोग किया. उन्होंने गन्ने की जूस मशीन को अपने ऑटो के इंजन से जोड़ दिया. अब उनका न सिर्फ ऑटो चलता है बल्कि उसी से जूस निकालने की मशीन भी चलती है. इस सेटअप की खासियत यह है कि इसे कहीं भी आसानी से ले जाकर तुरंत काम शुरू किया जा सकता है. रवि का दावा है कि इस तरह का ऑटो चालित जूस सिस्टम पूरे देशभर में सिर्फ उनके पास है.

कम लागत में ज्यादा कमाई का मॉडल
इस अनोखे स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत इसकी लागत और मुनाफे का संतुलन है. रवि ने बताया कि उनके पूरे सेटअप में दिनभर में सिर्फ एक लीटर डीजल खर्च होता है, जिससे लगभग 5000 रुपये तक का काम हो जाता है. वह रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपना ऑटो जूस सेंटर चलाते हैं. एक दिन में करीब 150 से 200 गिलास जूस की बिक्री हो जाती है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त होती है.

सबसे सस्ता जूस और बेहतर स्वाद
रवि का जूस सेंटर इलाके में अपनी कीमत और स्वाद दोनों के लिए जाना जाता है. वह पिछले दो साल से मात्र 20 रुपये में बड़ा गिलास गन्ने का जूस उपलब्ध कराते हैं, जो आसपास के बाजार में सबसे सस्ता है. खास बात यह है कि जूस में इस्तेमाल होने वाला गन्ना उनके खुद के खेतों से आता है, जिससे स्वाद भी बेहतर होता है. यही कारण है कि जो ग्राहक एक बार यहां जूस पीता है, वो बार-बार लौटकर यहीं आता है.

ग्राहकों की भीड़ और तेज सर्विस
टिकुरिया टोला मोड़ बाईपास पर दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है. कई बार एक साथ 10 या उससे अधिक ग्राहक पहुंच जाते हैं लेकिन मशीन की तेज क्षमता के कारण सभी को जल्दी सर्विस मिल जाती है. रवि बताते हैं कि इस तकनीक से काम आसान हो गया है. अब कम मेहनत और कम समय में ज्यादा उत्पादन मिल रहा है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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