घर में सड़ती रही पिता की लाश, आने से बेटों ने किया इनकार, दिल दहला देगी घटना!

घर में सड़ती रही पिता की लाश, आने से बेटों ने किया इनकार, दिल दहला देगी घटना!


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इंदौर के चंदन नगर में एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग की अकेलेपन में मौत हो गई. उनके शव को चूहों ने बुरी तरह कुतर दिया, जबकि उनके बेटों ने मौत के बाद भी बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं. एक काम का बहाना बनाकर नहीं आया, तो दूसरा घर पर कब्जा करने पहुंच गया.

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मध्य प्रदेश के इंदौर से रिश्तों की गरिमा और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जो किसी का भी दिल दहला सकती है. चंदन नगर थाना क्षेत्र के नगीन नगर में एक बंद मकान के भीतर 65 वर्षीय छगनलाल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ. छगनलाल के तीन बेटे होने के बावजूद वह घर में अकेले रहने को मजबूर थे. उनकी मौत का खुलासा तब हुआ, जब पड़ोस में क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद उनके घर के भीतर चली गई. जब एक बच्चा गेंद उठाने के लिए घर में दाखिल हुआ, तो उसे तेज बदबू आई और अंदर का मंजर देखकर वह चीख पड़ा. सामने छगनलाल का दो दिन पुराना शव पड़ा था, जिसे चूहों ने आंख, नाक और कान के पास से बुरी तरह कुतर दिया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव पुराना होने के कारण सड़ चुका था और दुर्गंध पूरे इलाके में फैल रही थी.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया. पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा, लेकिन शुरुआती तौर पर यह मामला उपेक्षा और अकेलेपन का नजर आता है. मृतक मजदूरी करते थे और शराब के आदी थे, जिसके चलते परिवार में विवाद रहता था और कोई भी बेटा उनके साथ नहीं रहता था. संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब छगनलाल के भांजे जगदीश ने उनके बेटे प्रकाश को फोन कर पिता की मौत की सूचना दी. पिता के निधन की खबर सुनकर दुखी होने के बजाय प्रकाश ने साफ शब्दों में आने से मना कर दिया और तर्क दिया कि उसने एक गाड़ी का काम ले रखा है और वह काम छोड़कर अभी नहीं आ सकता. इससे पहले एक बहू को भी सूचित किया गया था, लेकिन उसने भी इस खबर को पूरी तरह अनसुनी कर दिया. ये घटना दिल दहला देगी.

जिस पिता ने पाल-पोसकर तीन बेटों को बड़ा किया, उसे अंतिम समय में अपनों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ. भांजे नरेंद्र ने बताया कि वे ही मामा का ख्याल रखते थे और खाना भेजते थे, जबकि बेटों ने कभी सुध नहीं ली. हैरानी की बात तो यह है कि जिस बेटे को पिता की लाश देखने आने का समय नहीं था, वही बेटा गीतेश बुधवार रात को अपने पिता के मकान पर कब्जा करने पहुंच गया. छगनलाल के भांजों का आरोप है कि गीतेश वहां आकर धमकाने लगा कि यह उसके पिता का मकान है और अब वह इसमें रहेगा. जबकि सच्चाई यह है कि यह मकान भांजों ने ही बुजुर्ग को बनवाकर दिया था, ताकि वे सुकून से रह सकें. एक तरफ जहां पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर बेटों का यह व्यवहार पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Niranjan Dubey

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर के तौर कार्यरत. इंटरनेशनल, वेब स्टोरी, ऑफबीट, रिजनल सिनेमा के इंचार्ज. डेढ़ दशक से ज्यादा समय से मीडिया में सक्रिय. नेटवर्क 18 के अलावा टाइम्स ग्रुप, …और पढ़ें



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