बैतूल जिले में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले 15 अप्रैल को ही पारा 40.5 डिग्री सेल्सियस पार कर गया था। दिन और रात के तापमान में लगभग 20 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज हो रहा है, जिससे गर्मी की तीव्रता अधिक महसूस हो रही है। मौसम विभाग के औसत आंकड़ों के अनुसार, बैतूल में अप्रैल महीने का सामान्य अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। हालांकि, इस बार अप्रैल के मध्य में ही तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इतनी तेज गर्मी मई-जून में पड़ती है
इतिहास पर गौर करें तो बैतूल में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस (मई 1989) तक दर्ज किया जा चुका है। आमतौर पर इतनी तेज गर्मी मई-जून में पड़ती है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही यह प्रवृत्ति दिखने लगी है। प्रदेश स्तर पर भी कई शहरों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और 16 से 18 अप्रैल तक हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। बैतूल भी इसी हीट जोन का हिस्सा बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल से जून तक का समय बैतूल में सबसे गर्म होता है। ऐसे में, कल (17 अप्रैल) शुरू हो रही हीट वेव के बाद अगले 10 दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। दिन में लू और रात में भी कम राहत मिलने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप से बचाव के आवश्यक उपाय करें। इस बार गर्मी का ट्रेंड पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तीव्र नजर आ रहा है। आने वाले दिनों का न्यूनतम और अधिकतम तापमान (चार्ट के अनुसार) तुलनात्मक रूप से देखें तो
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