मामा के साथ ने बदली किस्मत, खंडवा के धर्मचंद ने खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

मामा के साथ ने बदली किस्मत, खंडवा के धर्मचंद ने खड़ा किया करोड़ों का कारोबार


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Khandwa News: धर्मचंद भीमाशंकर पटेल ने लोकल 18 से कहा कि उनके जीवन में उनके मामा का बहुत बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने न सिर्फ काम सिखाया बल्कि शुरुआती समय में 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की थी और एक दुकान भी दिलवाई थी.

खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के एक साधारण परिवार से निकलकर अपनी मेहनत और लगन के दम पर धर्मचंद भीमाशंकर पटेल ने सफलता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी है. गांव की सादगी से शहर की भागदौड़ तक का उनका सफर आसान नहीं था लेकिन मजबूत इरादों और कुछ कर दिखाने के जज्बे ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है. धर्मचंद पटेल मूल रूप से खंडवा जिले के अहमदपुर खेगांव के निवासी हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में और 12वीं तक की पढ़ाई खंडवा शहर में पूरी की. पढ़ाई के दौरान वह अपने मामा के पास रहते थे. वहीं से उन्होंने जीवन की असली सीख ली. मामा के साथ रहते हुए उन्होंने मोटर पंप और बोरवेल के काम को न सिर्फ देखा बल्कि उसे बारीकी से सीखा भी. यही अनुभव आगे चलकर उनके जीवन की दिशा तय करने वाला साबित हुआ.

शुरुआत में धर्मचंद पटेल ने छोटे स्तर पर काम शुरू किया. वह दूसरों के खेतों में बोरिंग कराने का काम करते थे. इस दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कभी संसाधनों की कमी, तो कभी काम की अनिश्चितता लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. धीरे-धीरे अनुभव बढ़ा, आत्मविश्वास मजबूत हुआ और उन्होंने खुद की बोरिंग मशीन खरीदने का साहसिक कदम उठाया. इसके बाद उन्होंने मोटर पंप और कृषि उपकरणों का व्यवसाय शुरू किया. शुरुआत भले ही छोटी थी लेकिन सोच बड़ी थी. उन्होंने ग्राहकों का विश्वास जीता और अपने काम में गुणवत्ता को प्राथमिकता दी.

जीवन में मामा का बहुत बड़ा योगदान
लोकल 18 से बातचीत में धर्मचंद भीमाशंकर पटेल बताते हैं कि उनके जीवन में उनके मामा का बहुत बड़ा योगदान रहा है. उन्होंने न सिर्फ उन्हें काम सिखाया बल्कि शुरुआती दौर में 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की और एक दुकान भी दिलवाई. इसी छोटी सी मदद को उन्होंने अपने हौसले और मेहनत से एक बड़े कारोबार में बदल दिया. आज धर्मचंद पटेल प्रगति सेल्स और पटेल बोरवेल के नाम से अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं. उनके पास मोटर पंप, कृषि उपकरण, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, मल्चिंग और अन्य कृषि से जुड़े आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं. वह वी-गार्ड जैसी नामी कंपनियों के मोटर पंप के होलसेल डीलर भी हैं, जिससे उनका कारोबार और मजबूत हुआ है.

पांच करोड़ रुपये पहुंचा टर्नओवर
समय के साथ उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आज उनका टर्नओवर करीब पांच करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. उनकी इस सफलता में अब उनका बेटा सागर पटेल भी उनका साथ दे रहा है, जो नए विचारों और ऊर्जा के साथ इस व्यवसाय को आगे बढ़ा रहा है. धर्मचंद पटेल आज भी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, खासकर अपने मामा को देते हैं. उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन और परिवार का साथ हो, तो कोई भी व्यक्ति बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकता है.

उनकी कहानी यह साबित करती है कि सफलता केवल डिग्री की मोहताज नहीं होती बल्कि मेहनत, लगन, सीखने की इच्छा और सही दिशा ही इंसान को आगे बढ़ाती है. अगर सपना बड़ा हो और उसे पूरा करने का जुनून हो, तो छोटी शुरुआत भी एक दिन बड़ी सफलता में बदल जाती है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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