उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।
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