सीधी जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वर्ष 2020 से 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में विभाग ने केवल 507 प्रकरण दर्ज किए हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई बड़े शराब
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छह साल की कुल जब्ती मात्र 7.64 लाख
आबकारी अधिकारी एस.के. सिंह ने बताया कि पिछले छह वर्षों में दर्ज 507 मामलों में कुल 7,64,000 रुपए की अवैध शराब जब्त की गई थी। इस जब्त मदिरा को शुक्रवार को नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
शिवसेना ने कार्रवाई को बताया ‘कोरम पूर्ति’
शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने विभाग की कार्यशैली की आलोचना करते हुए इसे केवल खानापूर्ति करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने छह सालों में बड़े संगठित शराब गिरोहों के खिलाफ कोई भी ठोस या बड़ी कार्रवाई नहीं की है, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

बड़े नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई का अभाव
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जिले में अवैध शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, छह साल में 7.64 लाख की जब्ती दर्शाती है कि या तो कार्रवाई बेहद सीमित है या बड़े मामलों को नजरअंदाज किया गया है।
आबकारी अधिकारी एसके सिंह ने बताया-
विभाग समय-समय पर छापामार अभियान चलाता है। अवैध शराब के विरुद्ध विभाग की कार्रवाई एक निरंतर प्रक्रिया है और भविष्य में भी इसे जारी रखा जाएगा।
