गर्मियों में सब्जियों के पौधे दे रहे धोखा? खास ट्रिक, जो बदल देगी फसल की कहानी

गर्मियों में सब्जियों के पौधे दे रहे धोखा? खास ट्रिक, जो बदल देगी फसल की कहानी


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गर्मियों में सब्जियों के पौधे दे रहे धोखा? खास ट्रिक, जो बदल देगी फसल की कहानी

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Satna News: गुड़ाई के फौरन बाद अगर गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डाला जाए, तो यह मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाता है और इससे पौधों को जरूरी पोषण मिलता है. इससे न सिर्फ फल की संख्या बढ़ती है बल्कि उनका आकार भी बड़ा और गुणवत्ता बेहतर होती है. पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां मार्केट में बेहतर कीमत भी दिलाती हैं.

सतना. गर्मियों का मौसम जहां किसानों और बागवानी करने वालों के लिए चुनौती लेकर आता है, वहीं सही तकनीक अपनाकर इसे मौके में बदला भी जा सकता है. अक्सर देखा जाता है कि मिर्च, लौकी, बैंगन, खीरा या कद्दू जैसे पौधे अच्छी बढ़त के बावजूद फल नहीं देते या उनके पत्ते सूखने लगते हैं. ऐसे में मेहनत और लागत दोनों पर असर पड़ता है लेकिन किसानी से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ आसान और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है और उत्पादन को कई गुना तक बढ़ाया जा सकता है. दरअसल गर्मियों में तेज धूप, अधिक तापमान और मिट्टी की नमी में कमी पौधों की सेहत को प्रभावित करती है. इससे पौधों की ग्रोथ तो होती है लेकिन फल बनने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है. कई बार पौधों के ऊपरी हिस्से सूखने लगते हैं और नई शाखाएं नहीं बन पातीं, जिससे उत्पादन घट जाता है.

लोकल 18 से बातचीत में सतना के खेती विशेषज्ञ रामदुलारे कुशवाहा ने बताया कि अगर पौधा फल नहीं दे रहा है, तो उसकी ऊपरी डंठल को आधे हिस्से से काट देना चाहिए. इस प्रक्रिया को प्रूनिंग या आम बोलचाल की भाषा में छंटाई करना कहा जाता है. इससे पौधा नई शाखाएं विकसित करता है और उसकी ग्रोथ दोबारा तेजी से शुरू हो जाती है. नई शाखाओं पर फूल और फल लगने की संभावना ज्यादा होती है, जिससे पैदावार बढ़ती है.

गुड़ाई से मिलेगा जड़ों को फायदा
छंटाई के बाद पौधों की जड़ों के पास गुड़ाई करना भी बेहद जरूरी होता है. गर्मियों में मिट्टी की ऊपरी परत सख्त हो जाती है, जिससे जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होती है. गुड़ाई करने से मिट्टी ढीली होती है और जड़ों तक हवा और पानी आसानी से पहुंचता है. इससे जड़ें मजबूत होती हैं और पौधा तेजी से विकास करता है.

खाद का सही इस्तेमाल बढ़ाएगा उत्पादन
विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ाई के तुरंत बाद यदि गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट डाला जाए, तो यह मिट्टी में अच्छी तरह मिल जाता है और पौधों को जरूरी पोषण मिलता है. इससे न केवल फल की संख्या बढ़ती है बल्कि उनका आकार भी बड़ा और गुणवत्ता बेहतर होती है. पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां बाजार में बेहतर कीमत भी दिलाती हैं.

गर्मियों में ज्यादा देखभाल
गर्म मौसम में पौधों को नियमित पानी देना, तेज धूप से बचाना और समय-समय पर उनकी स्थिति की जांच करना बेहद जरूरी है. यदि समय रहते सही कदम उठाए जाएं, तो खराब होते पौधों को भी दोबारा स्वस्थ बनाया जा सकता है. गौरतलब है कि मिर्च, बैंगन, लौकी, खीरा और कद्दू जैसी सभी गर्मी की सब्जियों में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है. सही देखभाल और छंटाई के जरिए किसान कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में भी सुधार संभव है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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