छतरपुर में पहाड़ के ऊपर ‘चमत्कारी’ कुंड, कभी सूखा नहीं, कहां से आता है पानी… पता नहीं

छतरपुर में पहाड़ के ऊपर ‘चमत्कारी’ कुंड, कभी सूखा नहीं, कहां से आता है पानी… पता नहीं


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Chhatarpur News: छतरपुर में इस समय तापमान बढ़ रहा है. जलाशयों का पानी सूख रहा है, लेकिन इस बढ़ते तापमान में भी जिले में एक ऐसा कुंड है, जिसे लोग चमत्कार से जोड़कर देखते हैं. लोगों की मान्यता है कि यह कुंड भीषण गर्मी में भी नहीं सूखता है. क्या है चमत्कार? जानें 

Chhatarpur News: छतरपुर के गौरिहार तहसील के क्यूटी गांव के जंगल-पहाड़ों की ऊंचाई पर एक ऐसा जल कुंड है, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं की प्यास बुझाता है. क्योंकि यहां न कुआं है, न हैंडपंप है, न कोई टंकी है. सिर्फ यही एक कुंड है. हालांकि, इस पहाड़ी पर एक छोटा सा तालाब है, लेकिन वह गर्मी होने से पहले ही सूख जाता है. लोगों की मान्यता है कि अगर तालाब में हाथ से खोदा जाए तो पानी निकल आता है. ये सब सिद्ध बाबा का चमत्कार है.

ज्येष्ठ की गर्मी में भी नहीं सूखा 
ग्रामीण बताते हैं कि पहाड़ की सबसे ऊंचाई पर जो कुंड है, वह चमत्कारिक है. 70 साल से हम ही उस कुंड को देख रहे हैं. पानी कहां से आता है, ये तो पता नहीं, लेकिन खाली कभी नहीं देखा. हम तो वहां सिद्ध बाबा के दर्शन करने जाते ही रहते हैं. हमने तो उसे ज्येष्ठ की तपती गर्मी में कुंड को खाली नहीं देखा है.

काई भ्रम है, अंदर साफ पानी
वहीं, सिद्ध बाबा मंदिर के पुजारी रामबाबू तिवारी बताते हैं कि भले ही कुंड के उस पानी में काई दिखती हो लेकिन ये पानी भी श्रद्धालुओं के लिए अमृत सामान है. क्योंकि, गर्मी में जब यहां श्रद्धालु आते हैं तो आसपास दूर-दूर तक पानी नहीं मिलता है. यही कुंड का पानी सभी पीते हैं. अगर आप काई को थोड़ा हटाएंगे तो साफ पानी आपको दिख जाता है.

श्रद्धालु पीते हैं कुंड का पानी 
पुजारी बताते हैं कि यहां पूर्णिमा पर कीर्तन होता है. कीर्तन में आने वाले सभी श्रद्धालु कुंड का पानी ही पीते हैं. कुंड के इसी पानी को छान-छानकर पी लेते हैं. यहां 10 बजे के बाद लोग कम आते हैं, इसलिए पानी में कचड़ा जम जाता है. अगर इसे थोड़ा साफ किया जाए तो नदी जैसा साफ पानी निकलता है. पानी का यह कुंड कोई दलदली जगह नहीं है, बल्कि चट्टानों से रिसता पानी है. जिसके श्रद्धालु दर्शन भी करते हैं और प्रणाम कर इस कुंड का पानी पीते हैं.

सिद्ध बाबा का चमत्कार!
लोगों की मान्यताओं के अनुसार, इस पहाड़ी पर सिद्ध बाबा का स्थान है. यहां आस्था का मेला भी लगता है. यहीं पर सिद्ध बाबा का चमत्कारी कुंड है, जो कभी सूखता नहीं है. हालांकि, इसको लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अलग हो सकता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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