नीमच में बैंकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एसपी अंकित जायसवाल ने सोमवार शाम को सभी बैंक मैनेजरों के साथ एक मीटिंग की। कंट्रोल रूम में हुई इस चर्चा में एसपी ने दो-टूक कहा कि बैंकों की हिफाजत सिर्फ पुलिस का जिम्मा नहीं है, बैंक वालों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी क्योंकि सतर्क रहकर ही वारदातों को रोका जा सकता है। एसपी ने साफ निर्देश दिए कि आरबीआई की गाइडलाइंस को बिल्कुल हल्के में न लें। बैंकों में चैनल गेट के साथ-साथ सायरन और पैनिक अलार्म हर हाल में चालू हालत में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे इस तरह लगाएं कि कोई भी कोना न बचे। जहां कैमरे नहीं हैं, वहां फौरन लगवाएं। व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े रहेंगे पुलिस और बैंक खबरों और सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान के लिए बैंकों और थानों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। एसपी ने बताया कि अब थाना प्रभारी समय-समय पर बैंकों के बाहर खड़े संदिग्ध गाड़ियों और साइकिल स्टैंड की अचानक चेकिंग करेंगे। बैंक के गार्डों को भी टोकने की आदत डालनी होगी और किसी भी संदिग्ध बंदे की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। रात में दो बार चक्कर काटेगी पुलिस सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे रात में बैंकों के आसपास कम से कम दो बार गश्त जरूर करें। साथ ही, धोखाधड़ी और फर्जी खातों (म्यूल अकाउंट) की जानकारी तुरंत साइबर सेल को देने को कहा गया है ताकि ऑनलाइन लूट पर लगाम लग सके। गार्ड और एजेंटों की होगी जांच मीटिंग में यह भी तय हुआ कि बैंकों में तैनात प्राइवेट गार्ड और रिकवरी एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी होगा। साथ ही बैंक के स्टाफ को सुरक्षा से जुड़े सामानों को चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इस बैठक में एएसपी नवल सिंह सिसोदिया और सीएसपी किरण चौहान समेत शहर के करीब 50 बैंक अधिकारी शामिल हुए।
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