परशुराम जयंती के अवसर पर ग्वालियर में सकल ब्राह्मण समाज द्वारा सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सोमवार को भगवान परशुराम की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा की खास बात यह रही कि इसके साथ पांच
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यह पालकी यात्रा शहर के राम मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई सनातन धर्म मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान 1100 महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और यात्रा की शोभा और भी बढ़ गई।
विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की गई
सनातन धर्म मंदिर पहुंचने पर भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इसके साथ ही पालकी यात्रा को विराम दिया गया। शहर के अलग-अलग स्थानों पर यात्रा और सामूहिक बारातों का जोरदार स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान को तिलक लगाकर माल्यार्पण किया, वहीं दूल्हों की आरती उतारकर अभिनंदन किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न
सामूहिक विवाह सम्मेलन के अंतर्गत पांच जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। इसमें डॉ. रेनू संग ज्योतिरादित्य मनु, कशिश संग सौरभ, प्राची संग आकाश, सोहली संग अनिल और मेघा संग संजय परिणय सूत्र में बंधे। विवाह संस्कार पंडित गिरिराज गुरुजी, पंडित रमाकांत शास्त्री, पंडित अंबिका प्रसाद शास्त्री और पंडित ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री द्वारा संपन्न कराए गए।
सकल ब्राह्मण समाज के संस्थापक जयवीर भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी मेलजोल और प्रेमभाव को बढ़ाते हैं। उन्होंने इसे एक पुण्य कार्य बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की।