पावर रीपर मशीन बनी किसानों का हथियार, कीमत भी कम और सब्सिडी भी मिलेगी

पावर रीपर मशीन बनी किसानों का हथियार, कीमत भी कम और सब्सिडी भी मिलेगी


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पावर रीपर मशीन बनी किसानों का हथियार, कीमत भी कम और सब्सिडी भी मिलेगी

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Agriculture News: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से मशीन पर 40 से 50 फीसदी तक की सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे किसानों के लिए इस एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाना और आसान हो गया है.

सतना. मध्य अप्रैल का महीना आते ही खेतों में चना कटाई की रफ्तार तेज हो जाती है. ऐसे में कई आधुनिक मशीनें किसानों के लिए किसानों के लिए गेम चेंजर साबित होती है. वहीं बात करें पावर रीपर मशीन की तो यह न केवल कम समय में ज्यादा क्षेत्र की कटाई कर रही है बल्कि फसल के नुकसान को भी न्यूनतम स्तर तक ला रही है. बढ़ती मजदूरी लागत और समय की कमी के बीच यह मशीन किसानों के लिए राहत की बड़ी वजह बनकर उभर रही है. खास बात यह है कि छोटे और मध्यम किसान भी अब इस आधुनिक यंत्र को अपनाकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं. पावर रीपर की सबसे बड़ी खासियत इसकी कटाई क्षमता है. यह मशीन फसल को जमीन के ऊपर से काटती है, जिससे दानों का नुकसान बहुत कम होता है. चने की फसल में यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है क्योंकि पौधे की पूरी लंबाई सुरक्षित रहती है, जिसका उपयोग बाद में चारे के रूप में भी किया जा सकता है. मशीन प्रति घंटे लगभग एक एकड़ तक की कटाई करने में सक्षम है, जिससे कम समय में बड़े खेतों की फसल आसानी से काटी जा सकती है.

जहां एक तरफ मजदूरों से कटाई कराने में ज्यादा समय और लागत लगती है, वहीं पावर रीपर मशीन इस समस्या का सटीक समाधान बनकर सामने आई है. सतना के रामपुर के किसान अंशुमान सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पहले कटाई में कई दिन लग जाते थे और मजदूरी भी ज्यादा देनी पड़ती थी लेकिन अब पावर रीपर की मदद से यह काम कुछ ही घंटों में पूरा हो जाता है. इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि लागत भी काफी कम हो जाती है.

हर सीजन में उपयोगी मल्टी-क्रॉप मशीन
पावर रीपर मशीन केवल चने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक मल्टी-क्रॉप मशीन है. रबी सीजन में गेहूं, जौ, सरसों, धनिया और जई जैसी फसलों की कटाई में यह उपयोगी है. वहीं खरीफ सीजन में धान, सोयाबीन, मक्का, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा चारा फसलों और जड़ी-बूटियों और भाजी जैसी फसलों की कटाई में भी यह मशीन प्रभावी साबित होती है. यह एक फीट से लेकर 6-7 फीट तक की ऊंचाई वाली फसलों को आसानी से काट सकती है.

कमाई का नया जरिया
पावर रीपर मशीन केवल खेती का साधन ही नहीं बल्कि कमाई का जरिया भी बन रही है. कई किसान इस मशीन को खरीदकर अन्य किसानों को किराये पर दे रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है. यह मशीन ग्रामीण स्तर पर एक नए छोटे व्यवसाय के रूप में भी उभर रही है, जो किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर रही है.

कीमत और सब्सिडी
बाजार में पावर रीपर मशीन की कीमत ₹75,000 से ₹80,000 के बीच से भी शुरू हो जाती है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए इसे खरीदना मुमकिन हो जाता है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल के माध्यम से मशीन पर 40% से 50% तक की सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे किसानों के लिए इस आधुनिक तकनीक को अपनाना और आसान हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कृषि यंत्रों का उपयोग भविष्य में खेती को और अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकता है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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