Guna: युवक को जमानत नहीं मिलने पर परिवार ने कोर्ट के सामने की आत्मदाह की कोशिश

Guna: युवक को जमानत नहीं मिलने पर परिवार ने कोर्ट के सामने की आत्मदाह की कोशिश


Guna News: गुना में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के बाहर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक अपनी पत्नी और मासूम बच्चों के साथ खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश करने लगा. वह परिवार सहित सड़क के बीच पर बैठा और पेट्रोल छिड़कने लगा.

कोर्ट गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और राहगीरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनको रोका. पीड़ित का आरोप है कि वह छोटे भाई की जमानत कराने के लिए यहां आया था. लेकिन, कोर्ट के अंदर उसे वकीलों ने घेरकर मारपीटरा. इससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया .

अपमान से टूटने पर जान देने की कोशिश
पीड़ित विजय रजक निवासी न्यूसिटी कॉलोनी ने बताया, वह 4-5 दिन से अपने भाई की जमानत कराने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहा है. सोमवार को जब वह कोर्ट परिसर में पहुंचा, तो वहां मौजूद आधा दर्जन वकीलों ने उसे घेर लिया. विजय का आरोप है कि वकीलों ने उसके साथ गाली-गलौज की और बीच परिसर में मारपीट की. विजय ने रोते हुए बताया, वह इंसाफ मांगने आया था, लेकिन उसे अपमानित कर पीटा गया. वकीलों की इस दबंगई और भाई को जमानत न मिलने से वह इतना टूट गया कि उसने सीधे सत्र न्यायालय के मुख्य गेट पर पहुंचकर अपने मासूम बच्चों और पत्नी के साथ जीवन लीला समाप्त करने का मन बना लिया.

भाई को फंसाने का अरोप
दोपहर में जब विजय रजक पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ गेट पर पहुंचा, तो बच्चों की चीख-पुकार सुनकर हर कोई सहम गया. बच्चों को भी नहीं पता था कि उनके पिता हाथ में क्या लिए हुए हैं. जैसे ही विजय ने पेट्रोल की बोतल खोलकर खुद पर और परिवार पर डाला शुरू किया, गेट पर तैनात पुलिस बल और गार्ड्स ने दौड़कर उन्हें पकड़ा. इस दौरान विजय चीख-चीखकर कहता रहा कि साहब, वकील हमें जीने नहीं दे रहे, हमारे भाई पर झूठा केस लगाया है और अब हमें पीटा जा रहा है, हमें मर जाने दो.

वकील दंपति पर गंभीर आरोप
विजय रजक के अनुसार, मामला उनके पड़ोस में रहने वाले वकील दंपत्ति संदीप अग्रवाल और गिरिजा अग्रवाल से जुड़ा है. विजय का दावा है कि वकील दंपत्ति से पूरी कॉलोनी परेशान है और उन्होंने उसके छात्र भाई पर छेड़छाड़ की झूठी एफआईआर दर्ज कराकर उसे धारा 151 में बंद करवा दिया है. पुलिस भी इस मामले में उन पर दबाव बना रही है. विजय ने आरोप लगाया कि उक्त वकील दंपत्ति ने पहले भी कॉलोनी के कई लोगों और यहां तक कि एक पुलिसकर्मी पर भी झूठे केस दर्ज कराए हैं.

महिला वकील ने कहा, सीसीटीवी में करतूत कैद
वहीं, दूसरी ओर महिला अधिवक्ता गिरिजा अग्रवाल ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि पड़ोसी युवक का भाई उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहा था और फ्लाईंग किस देने जैसी अभद्र हरकतें सीसीटीवी में कैद होने के बाद ही पुलिस ने उस पर कार्रवाई की है. अधिवक्ता का दावा है कि विजय रजक और उसके परिजनों ने रात में उनके घर आकर गाली-गलौज की थी और कोर्ट में भी पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दी थी.

वकीलों ने मारा नहीं, रोका था…
वहीं बार एसोसिएशन के सदस्य भूपनारायण सोलंकी ने बताया, विजय रजक और उसके परिरजन कोर्ट परिसर में वकीलों पर पर इस बात का दबाव बना रहा था कि जमानत के लिए सहमति दे दो या राजीनाम कर लो. इस दौरान उसके द्वारा महिला वकील और उसके पति से अभद्रता की, जिस पर साथी वकीलों ने उसे रोकते हुए पकड़ा तो वह भागा. संभवत उसे डर था कि वकील उसको पकड़कर मारपीट करेगे. वकीलों द्वारा उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई.

युवक वकीलों पर बना रहा दबाव!
भूपनारायण साोलंकी के अनुसार, 6-7 महीने पहले अधिवक्ता संदीप अग्रवाल ने उनसे संपर्क कर शिकायत की कि उनके पड़ोसी परेशान करते हैं. इस पर हम सब कोतवाली गए थे शिकायत लेकर. तब कोतवाली प्रभारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश देकर मामला शांत कर दिया. लेकिन, आज से एक महीने पहले से फिर से परेशान करने लगा. गत दिवस युवक के भाई द्वारा छेड़छाड़ की गई थी. उसकी एफआईआर कैंट थाने में हुई है. उसके बाद भी वह नहीं माना तो पुलिस ने 151 में बंद कर दिया. अब वह वकील दंपत्ति पर दबाव बना रहा है कि या तो राजीनामा हो जाए या क्रॉस मामला दर्ज हो जाए.



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