तीन साल बाद जारी की गई महिला आरक्षण की अधिसूचना: कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी बोलीं: चुनावों में हार के डर से आधी रात को मोदी जी की नींद टूटी – Bhopal News

तीन साल बाद जारी की गई महिला आरक्षण की अधिसूचना:  कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी बोलीं: चुनावों में हार के डर से आधी रात को मोदी जी की नींद टूटी – Bhopal News




कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर महिला आरक्षण के नाम पर देश के साथ अब तक का सबसे बड़ा ‘छल’ करने का आरोप लगाया है। रागिनी नायक ने भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जिस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपाने के लिए इस्तेमाल कर रही है, उसकी अधिसूचना 3 साल बाद 16 अप्रैल 2026 की रात 9:55 बजे तब जारी की गई, जब तमिलनाडु और बंगाल चुनावों में भाजपा को अपनी हार साफ दिखने लगी। डॉ. नायक ने कहा कि सुबह संसद में बहस हो रही थी, लेकिन तकनीकी रूप से वह कानून एक्टिव ही नहीं था क्योंकि सरकार उसकी फाइल पर कुंडली मार कर सो रही थी। मोदी जी की नीति और नीयत में खोट रागिनी नायक ने कहा – अगर इस देश में महिलाओं की समानता, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर किसी की नीति और नीयत में खोट है, तो उस शख्स का नाम नरेन्द्र मोदी है। मैं आज ताल ठोककर कहती हूं कि मोदी सरकार अगर अपनी चला पाएगी, तो इस देश में कभी महिला आरक्षण को क्रियान्वित नहीं होने देगी। तमिलनाडु-पश्चिम बंगाल की हार के डर से विशेष सत्र बुलाया
रागिनी ने आगे कहा मोदी जी कहते हैं कि कि कांग्रेस महिला विरोधी है, लेकिन वह भूल गए कि महिलाएं अपना अपमान कभी नहीं भूलतीं। 2023 में संसद से पारित कानून की अधिसूचना जारी करने में आपको 3 साल लग गए? 16 अप्रैल 2026 की रात को पौने दस बजे अधिसूचना जारी करना यह साबित करता है कि मोदी सरकार 3 साल तक चादर ओढ़कर सोती रही और अब जब बंगाल-तमिलनाडु में चुनावी जमीन खिसक गई, तो लोकप्रियता बटोरने के लिए विशेष सत्र का ढोंग रचा जा रहा है। पिछले दरवाजे परिसीमन का कानून लाना चाहते हैं पीएम रागिनी नायक ने इस पूरी कवायद को देश की अखंडता पर प्रहार बताते हुए कहा कि मोदी जी पिछले दरवाजे से परिसीमन का ऐसा कानून लाना चाहते हैं जिससे दक्षिण भारत और छोटे राज्यों की सीटों में ‘हिस्सा चोरी’ की जा सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन की बैसाखियों पर 2034 तक लटकाने की यह साजिश कांग्रेस सफल नहीं होने देगी। रागिनी ने सवाल किया कि जब 10 साल से पूर्ण बहुमत की सरकार थी, तो इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने साफ किया कि महिलाएं तुरंत भांप जाती हैं कि कौन उनके साथ जुमलेबाजी कर रहा है और कौन छल-कपट। अगर प्रधानमंत्री की नीयत में खोट नहीं है, तो वे तत्काल 543 सीटों पर आरक्षण लागू करें और पिछड़ी बहनों को उनका हक दें, वरना देश की महिलाएं इस अपमान का हिसाब चुनाव में जरूर चुकता करेंगी।



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