21 साल से गर्मी में सेवा की मिसाल, खंडवा में पहले प्यास बुझाते हैं फिर निभाते हैं ड्यूटी

21 साल से गर्मी में सेवा की मिसाल, खंडवा में पहले प्यास बुझाते हैं फिर निभाते हैं ड्यूटी


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खंडवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच रोज सुबह से रात तक शीतल जल प्याऊ संचालित किया जाता है, जहां सेवा भाव से जुड़े लोग न सिर्फ प्याऊ पर खड़े होकर पानी पिलाते हैं, बल्कि ट्रेन रुकते ही दौड़कर यात्रियों तक पहुंचते हैं

तेज गर्मी में जब एक-एक बूंद पानी की कीमत समझ आती है, ऐसे समय में किसी प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. इसी सोच को साकार कर रही है खंडवा की श्री सत्यसाई सेवा समिति, जो पिछले 21 वर्षों से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने का नेक काम कर रही है.खंडवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच रोज सुबह से रात तक शीतल जल प्याऊ संचालित किया जाता है, जहां सेवा भाव से जुड़े लोग न सिर्फ प्याऊ पर खड़े होकर पानी पिलाते हैं, बल्कि ट्रेन रुकते ही दौड़कर यात्रियों तक पहुंचते हैं. उन्हें ठंडा पानी उपलब्ध कराते हैं.

इस सेवा की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल समाजसेवी ही नहीं, बल्कि शहर के अफसर, रेलवे कर्मचारी, शिक्षक, स्वास्थ्य कर्मी और आम नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. कई लोग तो अपनी ड्यूटी से पहले या बाद में यहां आकर सेवा देते हैं. कोई लोग 1 से 2 घंटा देता है. लेकिन सभी का उद्देश्य एक ही है.प्यासे को पानी पिलाना है.इस सेवा से 40 से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें लगभग 20 महिलाएं और 20 से अधिक पुरुष शामिल हैं. सभी ने अपने-अपने समय निर्धारित कर रखे हैं. उसी के अनुसार रोजाना सेवा में जुटते हैं. यह सेवा सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक लगातार चलती है, जहां रोजाना 50 से ज्यादा ट्रेनों के यात्रियों को पानी पिलाया जाता है.

गर्मी में 21 सालों से यात्रियों की प्यास बुझा रहे
पूर्व स्वास्थ्य कर्मी मनोज साध बताते हैं कि यह सेवा कई वर्षों से लगातार जारी है. इसमें रेलवे कर्मचारी से लेकर रिटायर्ड अफसर तक सभी तन-मन-धन से जुड़े हुए हैं. ट्रेन आते ही सेवा दल के सदस्य आवाज लगाते हैं और यात्रियों की बोतल भरने के साथ-साथ उन्हें ठंडा पानी पिलाते हैं. इस सेवा में महिलाओं की भागीदारी भी प्रेरणादायक हैय. शोभा साध बताती हैं कि वे पिछले 21 वर्षों से अपने पति के साथ सेवा में जुड़ी हैं. वे एक शिक्षिका हैं. अपनी ड्यूटी के बाद भी यहां आकर सेवा देती हैं. गर्मी में प्यासे को पानी पिलाने से जो सुकून मिलता है, वह किसी और काम में नहीं मिलता. समिति के जिलाध्यक्ष तरुण झवर के अनुसार, इस सेवा का उद्देश्य केवल पानी पिलाना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देना भी है. इस पहल में लोको पायलट, सीटीआई, शिक्षक, टेक्नीशियन, सेल टैक्स अधिकारी सहित कई लोग शामिल हैं, जो अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेवा के लिए समय निकालते हैं.

श्री सत्यसाई सेवा समिति
इतना ही नहीं, समिति के सदस्य सिर्फ इंसानों का ही नहीं बल्कि पक्षियों का भी ध्यान रखते हैं. स्टेशन परिसर में जगह-जगह सकोरे (मिट्टी के बर्तन) बांधकर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें भी पानी मिल सके.यह सेवा श्री सत्य साई बाबा के उस संदेश को साकार करती है कि प्रार्थना करने वाले होंठों से सेवा करने वाले हाथ ज्यादा पवित्र होते है. इसी भावना के साथ समिति के सदस्य हर साल गर्मी के मौसम में सैकड़ों घंटों की सेवा देकर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं. खंडवा की यह पहल बताती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है. जब लोग अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं. समाज में सच्ची सेवा और मानवता की पहचान बनती है.



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