उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन में अब 718 दिन शेष हैं और इसके साथ ही प्रशासनिक तैयारियों ने गति पकड़ ली है। बुधवार को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में विशेष पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाना विशेष रूप
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आयोजन को लेकर पुलिस विभाग ने अब जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति लागू करना शुरू कर दिया है, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। पिछले सिंहस्थ के अनुभवों को आधार बनाकर इस बार अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का फोकस इस बार केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर समन्वय पर भी है। यही कारण है कि प्रारंभिक चरण में ही प्रशिक्षण और संसाधनों के विस्तार पर काम तेज कर दिया है।
प्रशिक्षित बल के साथ उतरेगी पुलिस
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल तैनाती नहीं, बल्कि पहले से प्रशिक्षित और तैयार बल को मैदान में उतारा जाएगा। “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” अभियान की शुरुआत उज्जैन से की गई है, जिसके तहत चयनित अधिकारी यहां प्रशिक्षण लेकर अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस प्रशिक्षण में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आमजन से व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तकनीक और बजट पर विशेष फोकस
इस बार सिंहस्थ में ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को रणनीति का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही, पुलिस विभाग ने करीब 750 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। बाहरी जिलों से आने वाले पुलिस बल के लिए आवास और अन्य सुविधाओं की भी तैयारी की जा रही है।
साइबर वॉरियर्स पोर्टल की शुरुआत कार्यक्रम के दौरान “सिंहस्थ साइबर वॉरियर्स पोर्टल” का शुभारंभ भी किया गया। यह पोर्टल सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नियंत्रण रखने और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने में मदद करेगा।