सीधी जिले की ग्राम पंचायत पोड़ी में लगी ‘कृषि और जन चौपाल’ में कलेक्टर विकास मिश्रा का एक्शन देखने को मिला। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कलेक्टर ने मौके पर ही फैसला सुनाया। चौपाल के दौरान जब कलेक्टर ने हाजिरी ली, तो पटवारी अलका त्रिपाठी बिना किसी जानकारी के गायब मिलीं। कलेक्टर ने इसे काम में लापरवाही माना और उन्हें तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्या सुनने के काम में ऐसी मनमर्जी बिल्कुल नहीं चलेगी। बिजली कंपनी और कृषि अधिकारी की कटेगी सैलरी ड्यूटी में ढिलाई बरतने पर बिजली कंपनी इंजीनियर (JE) और कृषि विभाग के अधिकारी सुन्दरलाल रैदास को भी फटकार लगी। कलेक्टर ने इन दोनों को नोटिस थमाया है और सजा के तौर पर इनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया है। हैंडपंप पर कब्जे वालों पर होगी FIR चौपाल में गांव वालों ने कई गंभीर शिकायतें कीं, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। जिन लोगों ने सरकारी हैंडपंप पर अपना कब्जा कर रखा था, उनके खिलाफ पुलिस में केस (FIR) दर्ज होगा। राशन बांटने वाले सेल्समैन मुकेश सिंह के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच सप्लाई ऑफिसर करेंगे। पंचायत के कामों में गड़बड़ी मिलने पर सचिव और रोजगार सहायक को नोटिस दिया गया है और अब उनकी जांच होगी। “चौपाल सिर्फ दिखावा नहीं है” कलेक्टर विकास मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जन चौपाल कोई दिखावा या फॉर्मेलिटी नहीं है, बल्कि यह जनता से सीधा जुड़ने का जरिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी और जवाबदेही से काम करें ताकि गांव वालों और किसानों की परेशानियों का हल मौके पर ही हो सके। जो भी भ्रष्टाचार या लापरवाही करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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