ट्रेन में पेंट्री कार कर्मचारी ने युवती से दुष्कर्म किया: नीली शर्ट से खुला राज, फिर भी कोर्ट में युवती ने पहचानने से किया इनकार – Madhya Pradesh News

ट्रेन में पेंट्री कार कर्मचारी ने युवती से दुष्कर्म किया:  नीली शर्ट से खुला राज, फिर भी कोर्ट में युवती ने पहचानने से किया इनकार – Madhya Pradesh News


मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट में आपने पढ़ा कि 11 फरवरी 2022 की ठंडी रात संपर्क क्रांति एक्सप्रेस इटारसी और नागपुर के बीच सुरंगों और घने जंगलों से गुजर रही थी। एसी कोच में ज्यादातर यात्री सोए थे, तभी एक युवती डरी-सहमी हालत में भागते हुए पहु

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कपड़े फटे, बाल बिखरे और चेहरा खौफ से भरा था। कोच में मौजूद नौशाद और नुरुद्दीन ने उसकी मदद की। कुछ देर बाद युवती ने बताया कि चलती ट्रेन में उसके साथ दुष्कर्म हुआ है। नीली शर्ट पहने एक हट्टे-कट्टे आदमी ने उसे पीटा, जबरदस्ती की और जान से मारने की धमकी दी।

नौशाद ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। ट्रेन के भोपाल पहुंचते ही पुलिस हरकत में आई। तत्काल एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन सुराग के नाम पर सिर्फ आरोपी का हुलिया था और कुछ नहीं।

अब इस पार्ट में जानिए आगे क्या हुआ…

वारदात को कुछ घंटे बीत चुके थे, लेकिन युवती अब भी गहरे सदमे में थी। आंखों में डर जमा हुआ था, आवाज कांप रही थी। काउंसलिंग के बाद जब पुलिस ने उससे विस्तार से पूछताछ शुरू की, तो एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने इस पूरे केस को और भी दर्दनाक बना दिया।

हर युवती की तरह उसके भी सपने थे… छोटे शहर से निकलकर बड़े शहर में कुछ बनने के सपने।

सपनों के शहर में हिम्मत टूटती गई

9 फरवरी 2022 को उसने हिम्मत जुटाई और दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हो गई। 10 फरवरी को वह मुंबई पहुंची, लेकिन यह शहर उसे अपना नहीं सका। न कोई पहचान, न ठहरने की जगह… और ऊपर से अजनबी लोगों की डराने वाली बातें।

‘मुंबई सुरक्षित नहीं है… यहां लड़कियों को बेच दिया जाता है…” इन शब्दों ने उसके मन में ऐसा डर बैठा दिया कि उसके सारे सपने 24 घंटे के भीतर ही बिखर गए। जिस शहर में वह अपना भविष्य ढूंढने आई थी, वहीं से उसे खाली हाथ लौटना पड़ा।

डर से मुंबई छोड़ा…लेकिन खतरा साथ था

11 फरवरी की दोपहर, उसने मुंबई से दिल्ली लौटने का फैसला किया। भीड़ ज्यादा होने के कारण वह भुसावल स्टेशन पर उतर गई और शाम 6 बजे यशवंतपुर-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार हो गई।

फिर हैवान की नजर उस पर पड़ी

रात करीब 8 बजे, ट्रेन मध्य प्रदेश में प्रवेश कर चुकी थी। सीट कन्फर्म नहीं होने के कारण वह फर्श पर कंबल बिछाकर लेट गई। तभी एक हट्टा-कट्टा आदमी, नीली शर्ट पहने, उसके पास आया।

डपटकर बोला-’यहां क्यों सो रही हो? जनरल कोच में सीट खाली है, वहां जाओ…’ ऐसी बातें ट्रेन में आम मानी जाती हैं, इसलिए किसी ने खास ध्यान नहीं दिया।

पेंट्री कार में हुई खौफनाक वारदात

वह आदमी जबरदस्ती उसे कोच से बाहर ले गया… और पेंट्री कार की तरफ घसीट ले गया। वहां उसने युवती के साथ दुष्कर्म किया। जब उसने विरोध किया, तो उसे थप्पड़ मारे… और चलती ट्रेन से फेंक देने की धमकी दी।उस पल, वह सिर्फ अपनी जान बचाना चाहती थी।

नीली शर्ट के सुराग से आगे बढ़ी जांच

यह घटना हरदा और इटारसी के बीच हुई थी। जब तक मामला सामने आया, ट्रेन भोपाल की ओर बढ़ चुकी थी। भोपाल पहुंचते ही जीआरपी और आरपीएफ हरकत में आए। युवती आरोपी को नाम से नहीं जानती थी, लेकिन ‘नीली शर्ट’ एक अहम सुराग था।

ट्रेन में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, कोच अटेंडर और वेंडर का यूनिफॉर्म भी अक्सर नीला होता है। पुलिस ने तुरंत ड्यूटी स्टाफ की सूची निकाली। इसी कड़ी में एक नाम सामने आया-भूपेंद्र सिंह तोमर।

मेडिकल रिपोर्ट और डीएनए सैंपल से हुई पुष्टि

पुलिस ने भूपेंद्र को हिरासत में लिया। शुरुआत में अंधेरे के कारण युवती उसे पहचान नहीं पाई, लेकिन बाद में उसने पुष्टि कर दी। मेडिकल रिपोर्ट में युवती के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। दूसरी ओर, भूपेंद्र के अंडरगारमेंट्स के डीएनए सैंपल भी युवती के डीएनए सैंपल से मैच हो गए।

कोर्ट में पलटा मामला, अंत में मिला इंसाफ

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ आया। युवती ने कोर्ट में आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया। लेकिन बाद में उसने बताया कि आरोपी उसे डराकर समझौता करने का दबाव बना रहा था। मेडिकल रिपोर्ट और डीएनए जैसे मजबूत सबूतों के सामने आरोपी की कोशिशें नाकाम हो गईं। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, इटारसी ने आरोपी को दुष्कर्म, मारपीट और धमकी का दोषी पाया।12 जून 2023 को अदालत ने भूपेंद्र सिंह तोमर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें…

सुरंगों के बीच खौफ, चलती ट्रेन में युवती से दुष्कर्म

ट्रेन के भीतर सब कुछ सामान्य दिख रहा था-नींद में डूबे यात्री, सुरंगों के बीच झिलमिलाती रोशनी, और मंजिल की ओर बढ़ते सपने। लेकिन उसी सन्नाटे के भीतर एक ऐसी चीख गूंजी, जिसने न सिर्फ एक लड़की की जिंदगी बदल दी, बल्कि रेलवे सुरक्षा के दावों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…



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