न कार, न बाइक… डिजिटल युग में 30 साल से घोड़े पर जिंदगी जी रहा ये शख्स, अनोखी है कहानी 

न कार, न बाइक… डिजिटल युग में 30 साल से घोड़े पर जिंदगी जी रहा ये शख्स, अनोखी है कहानी 


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Shakeel Dada Story: घोड़े की सवारी करने वाले शकील दादा ने जानकारी देते हुए बताया कि बुरहानपुर शहर राजा महाराजाओं का शहर है और पहले से यहां पर शाही महाराजाओं द्वारा घोड़े की सवारी की जाती थी. मुझे बचपन से बहुत घोड़े पर बैठने का शौक था.

Shakeel Dada Story: डिजिटल युग में आज भी राजा महाराजाओं की परंपराओं का लोग निर्वहन करते हैं. आज हम आपको मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक ऐसे शख्स की कहानी से रूबरू करा रहे हैं कि जो पिछले 30 वर्षों से घोड़े की सवारी कर रहे हैं. प्रतिदिन उनके द्वारा घोड़े पर बैठकर 50 से 60 किलोमीटर तक घूम जाता है. शकील दादा का कहना है कि बुरहानपुर शहर राजा महाराजाओं का शहर रहा है और यहां पर पहले से ही घुड़ सवारी होते आई है. वो आज भी निमाड़ के पहले व्यक्ति हैं, जो 30 सालों से घोड़े पर ही घूमते हैं और रोजाना घोड़े को 500 से ₹700 का दाना पानी खिलाता हैं.

शख्स ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम को घोड़े की सवारी करने वाले शकील दादा ने जानकारी देते हुए बताया कि बुरहानपुर शहर राजा महाराजाओं का शहर है और पहले से यहां पर शाही महाराजाओं द्वारा घोड़े की सवारी की जाती थी. मुझे बचपन से बहुत घोड़े पर बैठने का शौक था और मैंने एक घोड़े का बच्चा मेरे पिता से मांगा, फिर मेरे पिता ने मुझे एक बच्चा दिलाया, मैंने उसकी परवरिश करी और मैं उस पर ही बैठकर घूमने लगा. उसकी कुछ दिनों बाद मौत हो गई और फिर मैने और दूसरा घोड़ा खरीदा मैं अभी तक तीन से चार घोड़े खरीद चुका हूं. उन पर ही मैं बैठकर सफर करता हूं और रोजाना 50 से 60 किलोमीटर मेरा सफर हो जाता है और मैं उनको खाने के लिए अच्छा दाना चारा खिलाता हूं. लोग उनको खाने के लिए दाना चारा देते रहते हैं और मैंने अभी तक करीब ₹100000 के घोड़े खरीद लिए हैं.

पेट्रोल डीजल की आज तक नहीं पड़ी आवश्यकता 
शकील दादा का कहना है कि मेरे जीवन में आज तक उन्होंने पेट्रोल डीजल का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि वो मोटरसाइकिल और फोर व्हीलर नहीं चलाते हैं, वो घोड़े पर ही सफर करते हैं. 50 से 60 किलोमीटर का रोज मेरा सफर होता है और पूरे शहर में घूमते हैं. चाय पीने के लिए भी घोड़े पर बैठकर जाते है. पान खाने के लिए भी घोड़े पर बैठकर जाते हैं और रोज दिनचर्या के काम भी घोड़े पर बैठकर ही करते हैं. उनके द्वारा हम्माली का काम किया जाता है और काम के साथ-साथ शौक भी पूरा हो जाता है और लोगों से मदद भी मिल जाती हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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