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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी खुफिया कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान आधारित गैंगस्टर और ISI के प्रॉक्सी शहजाद भट्टी से जुड़े आपराधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली-एनसीआर में फायरिंग, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे.
ISI से जुड़े मॉड्यूल का हुआ भंडाफोड़
रिपोर्ट-रमाकांत दुबे
मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है. जब ग्वालियर-डबरा क्षेत्र से ISI से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं. अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. आरोपी दिल्ली में गोलीबारी, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे. जिन्हें पुलिस ने नाकाम कर दिया है.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को इनपुट मिला था कि ISI से जुड़ा एक मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर में बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है. इनपुट मिला था कि पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी भारत में अपने नेटवर्क के जरिए दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमलों की साजिश रच रहे हैं. इसी आधार पर 31 मार्च 2026 को FIR संख्या 81/26, धारा 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. पुलिस के द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है. दोनों ही ग्वालियर के रहने वाले हैं.
कैसे पकड़े गए आरोपी
स्पेशल सेल की टीम ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पहले विवेक बंजारा को 16 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के डबरा से गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी राजवीर को 18 अप्रैल 2026 को दिल्ली के सराय काले खां इलाके से गिरफ्तार किया गया. राजवीर उस समय दिल्ली-एनसीआर के एक प्रमुख होटल पर फायरिंग की तैयारी कर रहा था. पुलिस को आरोपियों के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
आरोपियों ने अमृतसर से लिए थे पैसे और हथियार
राजवीर को सोशल मीडिया के जरिए ‘राना भाई’ नामक शख्स ने भर्ती किया, जो शहजाद भट्टी का करीबी है. बाद में विवेक बंजारा को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया. दोनों आरोपियों को हथियार लाने और हमलों को अंजाम देने के निर्देश दिए गए. 9 अप्रैल 2026 को दोनों अमृतसर गए. वहां से हथियार और पैसे लिए. 11 अप्रैल को राजवीर ने जिरकपुर (SAS नगर) के एक क्लब पर फायरिंग की कोशिश की, लेकिन पिस्टल में खराबी के कारण वारदात पूरी नहीं हो सकी. इस घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसे शहजाद भट्टी को भेजा जाना था.
राजवीर को बाद में एक और पिस्टल और कारतूस दिए गए थे, जिसके साथ वह दिल्ली-एनसीआर के एक बड़े होटल को निशाना बनाने वाला था. लेकिन इससे पहले ही स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया. स्पेशल सेल के मुताबिक, यह कार्रवाई एक बड़े आतंकी और आपराधिक हमले को रोकने में अहम साबित हुई है. मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.
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गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें