‘तिलक से दिक्कत, लाहौर जाओ’, लेंसकार्ट कंपनी पर बाबा बागेश्वर ने जमकर निकाली भड़ास

‘तिलक से दिक्कत, लाहौर जाओ’, लेंसकार्ट कंपनी पर बाबा बागेश्वर ने जमकर निकाली भड़ास


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Baba Bageshwar Dham: प्रयागराज में हनुमान कथा के दौरान छतरपुर के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चश्मा कंपनी ‘लेंसकार्ट’ (Lenskart) को आड़े हाथों लिया. उन्होंने लेंसकार्ट कंपनी को पाकिस्तान के लाहौर जाने सलाह दी. इसके अलावा उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि जिस तरह संगम में आकर नदियां मिल जाती हैं. उसकी प्रकार सनातन के लिए हिंदुओं को एकजुट होना होगा.

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लेंसकार्ट कंपनी पर साधा निशाना

Dhirendra Krishna Shastri: लेंसकार्ट विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी ने ट्रेनिंग के दौरान कलावा पहनना और तिलक लगाने पर प्रतिबंध लगाया था. मामला सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई. संन्यास लेने वाली हर्षा रिछारिया ने लेंसकार्ट के मालिक को आड़े हाथों लिया. अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी लेंसकार्ट कंपनी पर जमकर निशाना साधा है और उन्हें लाहौर चले जाने की बात कही.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि एक कंपनी है लेंसकार्ट. उनसे अपने कर्मचारियों को बोला है कि हमारे यहां कोई तिलक लगाकर नहीं आ सकता. मंगलसूत्र पहनकर नहीं आ सकता और सिंदूर लगाकर नहीं आ सकता. ठठरी के बरे, नक्कटा तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले. भारत में तू काहे को मर रहा है. तेरे कक्का को भारत है का. हमारे बाप का भारत है. जिन्हें तिलक, चंदन, वंदन, राम, श्याम, हनुमान से और बाबा बागेश्वर से दिक्कत है, वे पतली गली से लाहौर खिसक लें. लेंसकार्ट वालों से भी कहेंगे कि बेटा गड़बड़ हो गए हो तुम. वरना भारत का कानून सुधार देता है.

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं से एकजुट होने की कही बात
उन्होंने कहा कि हम एक बात हिंदुओं से कहें. आज उन्होंने तिलक और मंगलसूत्र पर उंगली उठाई है. कल वो तुम्हारी बिरादरी उठाएंगे. अगर हम एकजुट नहीं होंगे, तो कल हमारी गीता और रामायण पर उंगली उठाएंगे. इसलिए हम सबको संगम से सीखना है. जैसे संगम में सभी नादियां मिलकर एक हो जाती हैं, वैसे ही सभी हिंदू एक होकर एकता का परिचय दें.

उन्होंने कहा कि प्रयागराज एकता करना सिखाता है. हम हिंदू, सनातनी हैं और हिंदुस्तान हमारा है. प्रयागराज के लोग भाग्यशाली हैं, जहां आप लोग जिंदा हैं और यहां हैं. यहां लोग मरने के बाद आते हैं. हनुमान का चरित्र एकता सिखाता है. इसके बाद अंत में उन्होंने हिंदुओं से एकजुट होने का आह्वान किया.

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Govind SinghSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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