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मध्य प्रदेश में SIT और STF की संयुक्त टीमों ने भोपाल से व्हाट्सएप कॉल से फिरौती मांगने गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया है. जांच में यह भी सामने निकल कर आया कि वह नेपाल भागने की फिराक में था. आरोपियों से जब्त मोबाइल से कॉल डिटेल और उनके नाम के भी जांच की जाएगी. शुरुआती जांच में रेकी करने वाले, करवाने वाले और हथियार पहुंचाने वालों पर भी पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है.
पुलिस ने फिरौती गिरोह को किया ध्वस्त
रिपोर्ट-आचार्य शिवकांत
मध्यप्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. SIT और STF की संयुक्त टीम ने भोपाल में व्हाट्सएप कॉल से फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. गिरोह के मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था. दरअसल राजधानी भोपाल, इंदौर, खरगोन सहित प्रदेश के कई जिलों में पिछले दिनों हैरी बॉक्सर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों के फोन व्यापारियों के पास पहुंचे थे, जिस पर अलग-अलग थाना क्षेत्र में इनके विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए DGP कैलाश मकवाणा के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल SIT और STF का बनाया था.
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कुल 7 गिरफ्तारियां हुई हैं. आरोपी व्हाट्सएप कॉल कर फिरौती मांगते थे और डराने के लिए फरियादी के घर की रेकी कर वीडियो बनाकर भेजते थे. गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले 16 अप्रैल को रेकी कर वीडियो बनाने वाले आरोपी निर्मल तिवारी को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पता चला कि उसे मास्टरमाइंड आनंद मिश्रा ने पैसे दिए और पूरी साजिश रची थी. इसके बाद आनंद मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके खिलाफ यूपी में पहले भी आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं.
राजस्थान के जेपी डारा की भी भूमिका आई सामने
निर्मल तिवारी की गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा नेपाल भागने की तैयारी में था. जांच में बीकानेर राजस्थान निवासी जेपी डारा की भूमिका भी सामने आई. वह गिरोह को वित्तीय मदद और संसाधन उपलब्ध कराता था. उसे भी गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पूछताछ में गिरोह के अन्य नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है. मामले में SIT चीफ राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि अशोक नगर और कोलार के मामले में अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अशोक नगर मामले में चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
इस तरह के मामले में फरियादी के पास धमकी भरा फोन आता था. उसके बाद उसके घर की रेकी का एक वीडियो बनाकर उनको भेजा गया था, जब इस प्रकार के वीडियो और तथ्य पुलिस के सामने आए. तब पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले को गिरफ्तार किया.
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गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें