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Preetam Lodhi: भाजपा विधायक प्रीतम लोधी पिछले कुछ समय से चर्चा में छाए हुए हैं. भोपाल पहुंचकर उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की. उन्होंने अपने बयान पर खेद भी व्यक्त दिया और कहा कि तैस में आकर उन्होंने बयान दिए थे. बाकी पार्टी जो भी फैसला लेगी. वह उन्हें मंजूर होगा.
विधायक प्रीतम लोधी के बदले सुर
Preetam Lodhi: आईपीएस अधिकारी को धमकाने के मामले में फंसे विधायक प्रीतम लोधी के सुर बदल गए हैं और उन्होंने अपने बयान पर खेद भी व्यक्त किया है. बीजेपी ने विधायक से बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा था और तीन दिन के अंदर जवाब देने को कहा था. अब प्रीतम लोधी मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को स्पष्टीकरण देने भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और तीन पीढ़ियों से पार्टी से जुड़े हुए हैं.
विधायक प्रीतम लोधी को हुआ गलती का अहसास
विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि हमारे परिवार की तीन पीढ़ियों ने खून पसीने से बीजेपी को सींचा है. मेरे परिवार ने जनसंघ, जनता पार्टी और बीजेपी तक का सफर तय किया है. हम पार्टी के सच्चे सिपाही हैं. हमारे लड़के का जो प्रकरण हुआ है. उसमें केस हुआ है और मामला कोर्ट में गया है. पुलिस ने जो कार्रवाई की है. उसमें हमने सहयोग किया है. बाद में लड़के का जो रोड पर जुलूस निकाला गया है. उससे मैं थोड़ा आहत हुआ. उसमें मैंने कुछ शब्दावली गलत बोल दी. अगर बात किसी अधिकारी को बात बुरी लगी हो, तो मैं खेद व्यक्त करता हूं. हमारी सरकार है और अधिकारियों के मेल-जोल से ही सरकार चलती है. मैंने मुख्यमंत्री और प्रदेश हेमंत खंडेलवाल जी से मामले की जांच करवाने को कहा है. आगे हम शब्दावली पर ध्यान रखेंगे और पार्टी की गाइडलाइन पर चलेंगे.
क्या था पूरा मामला
दरअसल 16 अप्रैल 2026 की शाम को विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने तेज रफ्तार कार से पांच लोगों को टक्कर मार दी. इसके बाद उसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह कहता नजर आया कि मैंने तो हॉर्न दिया था, लेकिन यही लोग नहीं हटे. बाद में पुलिस ने विधायक के बेटे को बुलाया और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की. शुरू में विधायक लोधी ने कानून का साथ देने की बात कही. लेकिन फिर मामले में ट्विस्ट उस समय आया, जब उन्होंने SDOP को धमकाया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे प्रीतम लोधी के बयान
प्रीतम लोधी ने अधिकारी को कहा कि करैरा तेरे बाप का है? मेरा बेटा फिर आएगा और चुनाव लड़ेगा, दम हो तो रोक लेना. इसके बाद उन्होंने यह धमकी भी दी कि अगर अधिकारी ने माफी नहीं मांगी, तो वह हजार लोगों के साथ एसडीओपी के घर का घेराव करेंगे और पूरे घर को गोबर से भर देंगे. उन्होंने अधिकारी के अपनी हद में रहने की हिदायत दी. उनके ये सभी बयान सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुए थे. वहीं मामले में आईपीएस एसोसिएशन ने एडीजी के जरिए चिट्ठी लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर एक्शन लेते हुए नोटिस जारी कर दिया और उनके द्वारा दिए गए बयानों के लिए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा, जिस पर विधायक के सुर बदले नजर आ रहे हैं.
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गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें