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खंडवा के इमलीपुरा में नकली घी फैक्ट्री पर छापा, पशु चर्बी और हड्डियों से घी जैसे उत्पाद मिलने पर हड़कंप, सैंपल लैब भेजे गए, नेटवर्क की जांच जारी
खंडवा में कथित नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री पर प्रशासन ने छापा मारा है.
खंडवा. शहर में खाद्य सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां प्रशासन ने नकली घी बनाने की कथित फैक्ट्री पर छापा मारकर भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की है. इमलीपुरा इलाके में संचालित इस यूनिट में पशुओं की चर्बी, मांस और हड्डियों का इस्तेमाल कर घी और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जाने की आशंका जताई जा रही है. इस कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है और लोगों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं. लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह उत्पाद बाजार में किस स्तर पर सप्लाई किया जा रहा था. यदि आरोप सही पाए गए तो यह खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बड़ा मामला साबित हो सकता है.
इस छापेमारी में सिटी मजिस्ट्रेट, पशु चिकित्सा विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही. मौके से बड़ी संख्या में ड्रम, कच्चा माल और तैयार लिक्विड जब्त किया गया है. प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और बाजार में सप्लाई की जा रही थी. फिलहाल सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा होने की उम्मीद है. इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठ रहा है कि शहर में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी? स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
कहां हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई खंडवा के इमलीपुरा क्षेत्र स्थित बेगम पार्क के सामने एक गली में की गई. स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर प्रशासन ने छापा मारा. छापेमारी के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में पशुओं की चर्बी, हड्डियां और मांस मिला. साथ ही चर्बी से तैयार लिक्विड और घी जैसे पदार्थ भी जब्त किए गए.
ड्रम में भरा मिला संदिग्ध माल
प्रशासन के अनुसार मौके से 79 छोटे ड्रम और 9 बड़े ड्रम बरामद किए गए. छोटे ड्रमों में करीब 20 किलो सामग्री भरी थी, जबकि बड़े ड्रमों की क्षमता 200 किलो तक बताई जा रही है.
कैसे बन रहा था नकली घी
प्राथमिक जानकारी के अनुसार पशुओं की चर्बी को प्रोसेस कर घी और तेल जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसकी पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी. सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह बहादुर ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है. स्थानीय लोगों से शिकायत मिली थी कि, इमलीपुरा में अनवर कुरैशी के मकान में अवैध रूप से पशुओं की कटिंग और खाल, हड्डियों को पकाया जाता है. अब फैक्ट्री संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं.
पशु विभाग की जांच
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने भी मौके से सैंपल लिए हैं. उनका कहना है कि ड्रमों में पशुओं की चर्बी पाई गई है. अनिल कश्यप, पशु चिकित्सालय ने कहा कि यहां पशुओं की खाल, चर्बी और हड्डियां बरामद हुई हैं. जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसका उपयोग किस रूप में किया जा रहा था.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें