Today Weather News Live: पूरा देश इस समय भयंकर गर्मी की चपेट में है. क्या उत्तर भारत क्या दक्षिण भारत पूरे देश में ऐसी गर्मी पड़ रही है मानों घर से बाहर निकलना नरक में जाने के बराबर है. हालांकि कई राज्यों में मौसम के दो मूड साफ नजर आ रहे हैं. एक तरफ तपती गर्मी है, दूसरी तरफ बदलते मौसम के संकेत हैं. उत्तर भारत में लू का कहर जारी है. तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है. लोग घरों में कैद हैं. दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा दिखता है. इसी बीच मौसम विभाग (IMD) ने राहत की खबर दी है. IMD के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अचानक यू-टर्न ले सकता है. खासतौर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में रविवार से आंधी और बारिश की शुरुआत हो सकती है. यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से होगा. यानी जो गर्मी अभी लोगों को परेशान कर रही है, वही कुछ दिनों बाद राहत में बदल सकती है. लेकिन यह राहत हर राज्य के लिए एक जैसी नहीं होगी. कहीं बारिश होगी तो कहीं लू का असर बना रहेगा. यही वजह है कि मौसम का यह दौर सबसे ज्यादा अस्थिर और चुनौतीपूर्ण बन गया है.
यूपी में बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश से राहत
बिहार में कब मिलेगी राहत? अभी इंतजार बाकी
झारखंड में बारिश की दस्तक, बदलेगा मौसम
दिल्ली-NCR में लू का कहर, फिर राहत के संकेत
दिल्ली-एनसीआर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. यहां दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गई हैं. सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा दिखने लगा है, क्योंकि लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं. लू के थपेड़े न केवल बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरनाक हैं, बल्कि कामकाजी लोगों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. IMD ने साफ किया है कि अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम है और गर्मी का यही तेवर जारी रहेगा. हालांकि 26 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. आंशिक बादल छाने लगेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को थोड़ी राहत महसूस होगी, लेकिन फिलहाल गर्मी का सामना करना ही पड़ेगा.
राजस्थान में तपिश चरम पर, आंधी-बारिश के संकेत
मध्यप्रदेश में बढ़ेगा पारा, लू का अलर्ट
मध्य प्रदेश में भी गर्मी लगातार अपना असर दिखा रही है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर हो जाएगी. रायसेन, छतरपुर, नर्मदापुरम और टीकमगढ़ जैसे जिलों में विशेष रूप से लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जैसे कि धूप में कम निकलना और पर्याप्त पानी पीना. फिलहाल राज्य में बारिश की संभावना कम है, जिससे गर्मी से राहत मिलने में समय लग सकता है. यह स्थिति किसानों और मजदूरों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है.
हिमाचल और उत्तराखंड: पहाड़ों में बदलेगा मौसम
- हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में मौसम जल्द करवट लेने वाला है. कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और शिमला जैसे क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने ओलावृष्टि का भी अलर्ट जारी किया है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है. हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. पर्यटकों के लिए यह मौसम सुहावना बन सकता है, लेकिन खराब मौसम के कारण यात्रा में सावधानी जरूरी है.
- उत्तराखंड: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई देने वाला है. पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और बागेश्वर जैसे जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है. मैदानी इलाकों में भी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. पहाड़ों में मौसम का यह बदलाव नदियों के जलस्तर को प्रभावित कर सकता है और स्थानीय लोगों के लिए सतर्कता जरूरी होगी.
दक्षिण भारत में प्री-मानसून की आहट
दक्षिण भारत में मौसम धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है और प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में बादल छाने लगे हैं और कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है. महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में भी आंधी-तूफान के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि कई हिस्सों में अभी भी गर्मी बनी हुई है और तापमान सामान्य से ऊपर है. यह मौसम बदलाव किसानों के लिए राहत भरा हो सकता है, क्योंकि इससे फसलों को नमी मिलेगी.
पूर्वोत्तर में भारी बारिश और तूफान का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में मौसम पहले से ही उथल-पुथल भरा बना हुआ है. असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मेघालय में लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है. इस स्थिति से जनजीवन प्रभावित हो सकता है और कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिल सकती है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है?
पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार की वेदर सिस्टम है, जो भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होती है और पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ती है. जब यह भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचती है, तो हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी लाती है. इसका असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ता है, जहां तापमान में गिरावट और आंधी-बारिश देखने को मिलती है.
हीटवेव से बचाव कैसे करें?
हीटवेव के दौरान शरीर को ठंडा रखना सबसे जरूरी होता है. दिन के समय बाहर निकलने से बचें, खासकर दोपहर में. हल्के और ढीले कपड़े पहनें. खूब पानी पिएं और डिहाइड्रेशन से बचें. छाया में रहें और जरूरत पड़ने पर टोपी या छाता का उपयोग करें.
आंधी-तूफान के दौरान क्या सावधानी रखें?
आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न हों. घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें. बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें.
क्या यह प्री-मानसून का संकेत है?
हां, कई क्षेत्रों में जो आंधी-बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं, वे प्री-मानसून का संकेत मानी जाती हैं. यह धीरे-धीरे मानसून के आगमन की तैयारी होती है, जिससे मौसम में बदलाव आता है और तापमान में गिरावट देखने को मिलती है.
किन राज्यों में तुरंत राहत मिलेगी?
उत्तर भारत के कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में जल्द ही आंधी-बारिश के कारण राहत मिल सकती है. हालांकि बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में गर्मी का असर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है.