देवास के टोंकखुर्द थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो नाबालिग बहनों के बाल विवाह को मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। जानकारी के मुताबिक दोनों बहनों की शादी 30 अप्रैल को तय थी और इसके लिए रविवार को गणेश पूजन की तैयारी भी चल रही थी। इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली, जिसके बाद शनिवार शाम करीब चार बजे टीम गांव पहुंची और कार्रवाई शुरू की। दस्तावेज मांगे तो की टालमटोल, जांच में सामने आई सच्चाई टीम ने जब परिजनों से दोनों बालिकाओं के आयु संबंधी दस्तावेज मांगे तो वे टालमटोल करने लगे। पुलिस की सख्ती और कानूनी जानकारी देने के बाद जब जांच की गई तो खुलासा हुआ कि एक लड़की की उम्र 16 वर्ष और दूसरी की 17 वर्ष है, जो विवाह की कानूनी उम्र से कम है। दो घंटे चली समझाइश, परिवार ने जताया विरोध कार्रवाई के दौरान परिजनों ने विरोध जताते हुए शिकायतकर्ता का नाम बताने की मांग की। साथ ही उन्होंने आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए कहा कि वे गरीब हैं और यदि बेटियां घर छोड़कर चली गईं तो जिम्मेदारी कौन लेगा। करीब दो घंटे तक चली समझाइश और कानूनी चेतावनी के बाद आखिरकार परिजन बाल विवाह रोकने पर सहमत हो गए। इसके बाद टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी संदीप किरार, आउटरीच कार्यकर्ता विनय निधार, संस्था ‘आस’ की फूल कुंवर राजपूत और टोंक खुर्द थाना पुलिस की अहम भूमिका रही।
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