सांपों का शौकीन, किसानों का रखवाला, ये पक्षी भगवान का डाकिया, पक्का पूरी होगी मन की इच्छा!

सांपों का शौकीन, किसानों का रखवाला, ये पक्षी भगवान का डाकिया, पक्का पूरी होगी मन की इच्छा!


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Amazing Bird: खासकर बुंदलेखंड के लिए इस जंगली पक्षी को भगवान का स्वरूप मानते हैं. यह पक्षी कभी भी, कहीं भी दिख जाए तो फिर उस काम का होना पक्का माना जाता है, यानी ये शुभ संकेत है. जानें इस खास पक्ष्री और विशेषताएं

Neelkanth Bird: नीलकंठ तुम नीले रहियो, दूध भात खा कर जइयो, हमाई बात भगवान तक पहुंचाइयो… बुंदेलखंड की यह कहावत सदियों पुरानी है. 24 घंटे सातों दिन कभी भी, कहीं भी, किसी को भी नीलकंठ पक्षी दिखाई दे जाए तो वह इस कहावत को जरूर दोहराता है. ऐसा माना जाता है कि मन में या बोलकर नीलकंठ को देखकर जो भी प्रार्थना की जाती है, वह अवश्य पूरी होती है. नीलकंठ को महादेव का स्वरूप माना जाता है. वैसे तो इसे दशहरे पर देखना बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन बुंदेलखंड में यह पक्षी कभी भी दिख जाए तो फिर उस काम का होना पक्का माना जाता है, यानी ये शुभ संकेत है.

कंठ नीला नहीं फिर भी नीलकंठ, जानें क्यों
नीलकंठ का कंठ नीला नहीं होता है. फिर भी यह नीलकंठ कहलाता है, लेकिन जब यह पक्षी हवा में कलावाजी करने के लिए अपने पंख फैलाता है तो इसके पंखों पर नीला रंग फैल जाता है. कहा जाता है कि यह वही रंग है, जो महादेव ने समुद्र मंथन से निकले जहर को अपने कंठ में धारण कर लिया था, जिससे वह नीला हो गया था. इसी की वजह से इस पक्षी को नीलकंठ कहा जाता है. बुंदेलखंड में अच्छी जलवायु और जैव विविधता की वजह से लगभग 300 से अधिक प्रजाति के पक्षी पाए जाते हैं. इन्हीं में से एक नीलकंठ भी है, जो बड़ी संख्या में झीलों के किनारे घने जंगलों में खेतों की आसपास दिख जाते हैं.

किसानों का मददगार
नीलकंठ को किसानों का रखवाला भी कहा जाता है, क्योंकि यह कीड़े-मकोड़े, झींगुर खाने का शौकीन होता है. इसे सांप के छोटे-छोटे बच्चे खाना भी पसंद है. जब यह बड़ी संख्या में खेतों के आसपास होते हैं तो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े मकोड़े खाते रहते हैं, जिससे किसान को इनके पास होने से फायदा होता है.

सागर के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह बताते हैं कि नीलकंठ पक्षी बहुत ही खूबसूरत होता है. धार्मिक मान्यताओं में भी इसका वर्णन होता आ रहा है. इसका कंठ तो नीला नहीं होता है, लेकिन यह नीलकंठ कहलाता है, क्योंकि इसके पंखों पर नीलकंठेश्वर महादेव का खूबसूरत रंग होता है. यह किसानों के लिए मददगार होता है. फसलों को कीड़े खाकर फायदा पहुंचाता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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