200 करोड़ से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का कायाकल्प; छात्रों, मरीजों के लिए होंगी ये सुविधाएं

200 करोड़ से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का कायाकल्प; छात्रों, मरीजों के लिए होंगी ये सुविधाएं


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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में एमबीबीएस की सीटें बढ़ने के बाद करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा विस्तार किया जा रहा है. नए लेक्चर हॉल, आधुनिक हॉस्टल और क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण अंतिम चरण में है. जानें और…

Sagar News: सागर का बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) अब नए अवतार में नजर आने वाला है. यहां एमबीबीएस की सीटें बढ़ गई हैं. इसी को देखते हुए कॉलेज में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नया स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और कुछ हिस्से जल्द ही बनकर तैयार हो जाएंगे. इसका सीधा फायदा यहां पढ़ने वाले छात्रों और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को मिलेगा.

कॉलेज परिसर में ही नए आधुनिक लेक्चर हॉल बनाए जा रहे हैं. यहां प्रोफेसर और छात्र बेहतर तरीके से संवाद कर पाएंगे. साथ ही, बड़े सेमिनार आयोजित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. सबसे बड़ी राहत की खबर मरीजों के लिए है. कॉलेज में एक नई ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ की स्थापना की जा रही है. इस यूनिट के शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को इलाज के लिए भोपाल, इंदौर या नागपुर जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी.

यहां बन रहा हॉस्टल
छात्रों के रहने की समस्या को दूर करने के लिए गिरधारीपुरम में 250 सीटों वाला आधुनिक हॉस्टल बनाया जा रहा है. इसका करीब 90% काम पूरा हो चुका है. बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए यह मेडिकल कॉलेज किसी वरदान से कम नहीं है. यहां सागर संभाग के दमोह, छतरपुर और पन्ना के अलावा रायसेन, विदिशा और उत्तर प्रदेश के ललितपुर तक से लोग इलाज के लिए आते हैं.

ओपीडी में रोज 2000 मरीज
आंकड़ों की बात करें तो यहां रोजाना ओपीडी में करीब 2000 मरीज पहुंचते हैं. इनमें से 10% मरीज गंभीर हालत में होते हैं. राहत की बात ये कि यहां मात्र 10 रुपये की पर्ची पर इलाज की सुविधा मिलती है.

बता दें कि इस मेडिकल कॉलेज की नींव साल 2007 में रखी गई थी और 2009 से यहां पढ़ाई व इलाज शुरू हुआ था. अब तक यहां से हजारों छात्र एमबीबीएस की डिग्री लेकर डॉक्टर बन चुके हैं. कुछ यहीं पर असिस्टेंट प्रोफेसर , प्रोफेसर, डॉक्टर, सीनियर डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले सत्र में सीटों की संख्या बढ़ने के बाद अब निर्माण कार्यों में काफी तेजी लाई गई है.



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