मोबाइल और अन्य सामान रखने के लिए बनाएं काउंटर।
नीमच में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 रविवार को संपन्न हुई।
.
जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच आयोजित इस परीक्षा में कुल 882 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 644 उपस्थित हुए। इस दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए, जिसके चलते कई अभ्यर्थियों को अपने बेल्ट और अंगूठियां बाहर ही उतारनी पड़ीं।
प्रवेश पत्र लेकर कतार में खड़े अभ्यार्थी।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा
पीजी कॉलेज केंद्र प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि परीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था। इसमें मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और आंखों की स्क्रीनिंग की गई। ई-प्रवेश पत्र पर अंकित फोटो का परीक्षार्थी के चेहरे से मिलान करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।
अभ्यर्थियों को धूप और गर्मी से बचाने के लिए केंद्र के बाहर टेंट की व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों के निजी सामान जैसे मोबाइल और पर्स रखने के लिए अलग से काउंटर भी बनाए गए थे। परीक्षा ओएमआर पद्धति से दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:15 से 4:15 बजे तक चली।

दस्तावेज की जांच करते सुरक्षाकर्मी।
दूसरी पाली में कम रहे परीक्षार्थी
उपस्थिति के आंकड़ों के अनुसार, शासकीय पीजी कॉलेज में आवंटित 450 परीक्षार्थियों में से पहली पाली में 327 और दूसरी पाली में 326 उपस्थित रहे। इसी प्रकार, उत्कृष्ट विद्यालय में 432 परीक्षार्थियों में से पहली पाली में 317 और दूसरी पाली में 316 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिले में कुल उपस्थिति का प्रतिशत 72.90 रहा।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए पीजी कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर विशेष कक्ष की व्यवस्था की गई थी, ताकि उन्हें आवागमन में कोई असुविधा न हो। पूरे जिले में कुल 11 कक्षाओं में लगभग 35 फैकल्टी सदस्यों ने परीक्षा संपन्न करवाई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार केंद्रों का भ्रमण करती रही, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें।
अभ्यर्थियों को केवल काला बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल और मूल पहचान पत्र ले जाने की अनुमति थी, जबकि अन्य सभी सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।

अभ्यार्थियों की चेकिंग करते पर्यवेक्षक।