दुनिया के 5 लकी क्रिकेटर जिनको पहले मैच में ही मिल गई कप्तानी, संभाली कमान

दुनिया के 5 लकी क्रिकेटर जिनको पहले मैच में ही मिल गई कप्तानी, संभाली कमान


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इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करना हर एक खिलाड़ी का सपना होता है.  उसपर अगर पहले ही मुकाबले में अपनी नेशनल टीम की कप्तानी करने का मौका मिल जाए तो क्या ही कहना. कुछ ऐसे लगी खिलाड़ी हुए हैं जिनको अपने डेब्यू मैच में टीम की कमान संभालने का मौका मिला  है. इसमें भारतीय खिलाड़ी भी शामिल है. 

5. असगर अफगान, अफगानिस्तान: साल 2018 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऐतिहासिक पल आया. असगर अफगान ने भारत के खिलाफ अफगानिस्तान के लिए टेस्ट डेब्यू करते हुए कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली. यह अफगान क्रिकेट के लिए एक बड़ा अध्याय था, क्योंकि उन्होंने टीम को टेस्ट क्रिकेट की चुनौतीपूर्ण दुनिया में प्रवेश कराया.

भारत के खिलाफ डेब्यू मैच मेज़बानों की शानदार जीत के साथ खत्म हुआ, जिसमें भारत ने एक पारी और 262 रन से जीत दर्ज की. इस मुश्किल शुरुआत के बावजूद, असगर अफगान ने अफगान क्रिकेट में योगदान देना जारी रखा. दुर्भाग्यवश, 2021 में उन्हें कप्तानी से हटा दिया गया, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नेतृत्व की उतार-चढ़ाव भरी यात्रा को दर्शाता है.

4. जॉर्ज बेली, ऑस्ट्रेलिया: ऑस्ट्रेलियाई टीम के मौजूदा चीफ सेलेक्टर जॉर्ज बेली ने फरवरी 2012 में सिडनी में भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में कप्तान के तौर पर डेब्यू किया. उनके क्रिकेट करियर का यह अहम पल शानदार शुरुआत के साथ आया, जहां ऑस्ट्रेलिया ने बेली की कप्तानी में 31 रन से जीत दर्ज की.

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कप्तानी की शुरुआत में ही बेली ने टीम को जीत की राह दिखाई, जिससे उनके आगे के क्रिकेट करियर की नींव पड़ी. आज बतौर चीफ सेलेक्टर, बेली की कप्तानी की यह पहली झलक उनके करियर का खास हिस्सा है, जो टीम को जीत की ओर ले जाने की उनकी शुरुआती काबिलियत को दर्शाती है.

3. वीरेंद्र सहवाग, भारत: 1 दिसंबर 2006 को वीरेंद्र सहवाग ने भारत के लिए अपने पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में कप्तानी संभाली. राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों की गैरमौजूदगी में, विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग को नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई.

टी20 में सहवाग की कप्तानी सिर्फ एक बार हुई, लेकिन यह उनके शानदार क्रिकेट करियर का खास अध्याय है. इस फैसले ने भारतीय क्रिकेट की लचीलापन और बदलाव के दौर में नेतृत्व की नई दिशा की नींव रखी.

2. नील ब्रांड, दक्षिण अफ्रीका: नील ब्रांड ने अपने डेब्यू मैच में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी करते हुए क्रिकेट इतिहास में खास जगह बनाई. बाएं हाथ के स्पिनर ने माउंट माउंगानुई में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में 26 ओवर में 119 रन देकर 6 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया.

हालांकि उन्हें गेंदबाजी में ज्यादा साथ नहीं मिला, लेकिन ब्रांड के आंकड़े खास रहे, खासकर जब मेज़बानों ने 511 रन बनाए. कप्तान के तौर पर उनका यह डेब्यू उनकी हिम्मत और हुनर को दिखाता है और दक्षिण अफ्रीका के लिए उनके नेतृत्व की नई शुरुआत का संकेत देता है.

1. डेविड लॉड हॉटन, जिम्बाब्वे: क्रिकेट जगत ने एक दुर्लभ नजारा देखा जब डेविड लॉड हॉटन ने जिम्बाब्वे के लिए अपने डेब्यू मैच में कप्तानी संभाली और साथ ही शतक भी जड़ा. यह अद्भुत कारनामा 1992 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी वाली भारतीय टीम के खिलाफ हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हुआ.

हॉटन ने 121 रन की पारी में 322 गेंद का सामना करते हुए 15 चौकों लगाए थे. उनकी इस शानदार पारी ने जिम्बाब्वे को पहली पारी में 456 रन तक पहुंचाया. खास बात यह रही कि वह वनडे फॉर्मेट में जिम्बाब्वे के पहले शतकवीर बने और कप्तान के तौर पर अपने डेब्यू को ऐतिहासिक बना दिया.



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