मध्य प्रदेश के चंबल में धूम मचा रहा महाराष्ट्र का बदामी आम, शेक-शरबत की पहली पसंद

मध्य प्रदेश के चंबल में धूम मचा रहा महाराष्ट्र का बदामी आम, शेक-शरबत की पहली पसंद


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चंबल अंचल के बाजारों में इन दिनों एक खास आम लोगों का ध्यान खींच रहा है.महाराष्ट्र से आने वाला बदामी आम है. गर्मी बढ़ते ही फलों के राजा आम की मिठास बाजार में घुलने लगती है. आकार में बादाम जैसा दिखने के कारण इसे बदामी कहा जाता है. मूल रूप से इसकी वैरायटी कर्नाटक की मानी जाती है,

चंबल अंचल के बाजारों में इन दिनों एक खास आम लोगों का ध्यान खींच रहा है.महाराष्ट्र से आने वाला बदामी आम है. गर्मी बढ़ते ही फलों के राजा आम की मिठास बाजार में घुलने लगती है. इस बार लोगों की जुबान पर किसी खास वैरायटी का नाम है तो बदामी आम है. आकार में बादाम जैसा दिखने के कारण इसे बदामी कहा जाता है. मूल रूप से इसकी वैरायटी कर्नाटक की मानी जाती है, मगर अब महाराष्ट्र में भी इसकी बड़े पैमाने पर खेती हो रही है. वहीं से यह आम शिवपुरी सहित पूरे चंबल क्षेत्र की मंडियों में पहुंच रहा है.

इस आम की खासियत सिर्फ इसका आकार नहीं, बल्कि इसका गूदा, खुशबू और स्वाद भी है, रसीला गूदा, कम रेशा और भरपूर मिठास इसे शेक और शरबत के लिए बेहतरीन बनाते हैं. यही वजह है कि घरों से लेकर जूस सेंटर तक बदामी आम की मांग तेजी से बढ़ी है. लोग बताते हैं कि इससे बना मैंगो शेक गाढ़ा, सुगंधित और ज्यादा स्वादिष्ट बनता है. बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इसे पसंद कर रहा है.

महाराष्ट्र का बदामी आम
व्यापारियों के मुताबिक, इस आम की आवक बढ़ने से बाजार में इसकी उपलब्धता भी अच्छी है. गर्मी के इस मौसम में जहां लोग ठंडे पेय और फलों की तलाश में रहते हैं, वहां बदामी आम स्वाद और उपयोगिता—दोनों के कारण पसंद किया जा रहा है. शिवपुरी और आसपास के बाजारों में इसकी बिक्री रोजाना बढ़ रही है. कुल मिलाकर, बदामी आम ने इस सीजन में चंबल के लोगों का दिल जीत लिया है. यह गर्मी का नया स्वाद बनकर उभरा है.

लोगों की पहली पसंद बना बदामी आम
बदामी आम की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह इसका किफायती दाम है.आमतौर पर गर्मी के मौसम में आम की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. यहां कई वैरायटी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाती हैं. लेकिन बदामी आम ने इस धारणा को बदल दिया है. ठोक मंडी में यह आम करीब 40 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है, जबकि फल मंडियों में खुदरा ग्राहकों को यह लगभग 50 रुपये किलो में मिल रहा है.व्यापारियों का कहना है कि कम दाम और बेहतर स्वाद का यह संतुलन ही इसकी मांग बढ़ा रहा है. जूस सेंटर चलाने वाले बताते हैं कि बदामी आम से शेक बनाने पर लागत कम आती है. स्वाद भी बेहतरीन रहता है, जिससे ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ती है. यही कारण है कि शेक, शरबत और आमरस बनाने के लिए दुकानदार खास तौर पर इसी आम को पसंद कर रहे हैं



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