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Pradosh Vrat Upay: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और 29 अप्रैल को शाम 7 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी. प्रदोष व्रत का पूजन प्रदोष काल में किया जाता है, इसलिए वैशाख का अंतिम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल को रखा जाएगा.
उज्जैन. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. सालभर में 24 प्रदोष आते हैं लेकिन वैशाख मास का अंतिम प्रदोष व्रत बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है, जो भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर लेकर आता है. इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक और पूजन करते हैं. मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव आराधना से सभी कष्टों का निवारण होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं. श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पूजन से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं. यह व्रत न केवल आध्यात्मिक उन्नति देता है बल्कि जीवन में सफलता के नए मार्ग भी खोलता है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस बार जो वैशाख माह का अंतिम प्रदोष आ रहा है, वह काफी शुभ संयोग में आ रहा है, जो इस दिन को और खास बनाता है. इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं से शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष पुण्यफल की प्राप्ति करवाता है.
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी और 29 अप्रैल को शाम 7 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी. प्रदोष व्रत का पूजन प्रदोष काल में किया जाता है, इसलिए वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत 28 अप्रैल को रखा जाएगा. यह व्रत मंगलवार को पड़ेगा और इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है.
प्रदोष व्रत पर जरूर करें ये उपाय
1. प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर तिल अर्पित करने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग का तिल से अभिषेक करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.
2. वैशाख माह के अंतिम प्रदोष व्रत पर शुभ संयोग बन रहा है. इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर लाल चंदन अर्पित करें. ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि होती है और रुके काम पूरे होते हैं.
3. बहुत प्रयासों के बाद भी पैसा टिक नहीं रहा है, तो वैशाख माह के अंतिम प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करें. मान्यता है कि ऐसा करने से पैसा टिकता है, धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है.
4. प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान शिवलिंग का गेहूं और धतूरे से अभिषेक करना चाहिए. इस दौरान महादेव से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से संतान-सुख की प्राप्ति भी होती है और महादेव की कृपा मिलती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.