कौन थे राजा हिरदेशाह? MP के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी जिनकी कहानी; CM ने किया बड़ा ऐलान

कौन थे राजा हिरदेशाह? MP के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी जिनकी कहानी; CM ने किया बड़ा ऐलान


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Raja Hirdeshah Lodhi Story: राजा हिरदेशाह लोधी की याद में भोपाल में शौर्य दिवस का आयोजन किया गया था. इसमें सीएम मोहन यादव ने कहा कि राजा हिरदेशाह के बारे में छात्रों को पढ़ाया जाएगा. इसके लिए उनकी जीवनयात्रा को स्कूली सिलेबस में शामिल भी किया जाएगा.

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मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी राजा हिरदेशाह की कहानी

Raja Hirdeshah Lodhi: भोपाल में राजा हिरदेशाह की 168वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी भोपाल में क्रार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, वरिष्ठ नेता उमा भारती, मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल जैसे नेता शामिल हुए. माना जा रहा है कि सरकार ने इस कार्यक्रम से लोधी समाज को अपने साथ जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली. सीएम मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि राजा हिरदेशाह लोधी को पाठ्यक्रम में शामिल कराएंगे और उनके नाम से तीर्थ स्थल का भी निर्माण कराएंगे.

CM ने किया बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राजा हिरदेशाह ने बुंलेदखंड के बुंदेला और आदिवासी समाज को एकजुट करके अंग्रेजों के सामने आंदोलन शुरू किया था. राज्य सरकार उनके संघर्ष पर शोध कराएगी. उनके जीवन के अहम घटनाक्रम को शिक्षा विभाग में पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा. नर्मदा किनारे हीरापुर में राजा हिरदेशाह के नाम से एक तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा. इतिहास के गौरवशाली पृष्ठ फिर से खुलने चाहिए. महान सम्राट विक्रमादित्य पर भी शोध संस्थान बनाया गया है.

कौन थे राजा हिरदेशाह लोधी?
राजा हिरदेशाह लोधी भारत के एक वीर शासक और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानी और गोंडवाना क्षेत्र के एक प्रभावशाली शासक थे और उन्होंने 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया. उनका सबसे बड़ा योगदान 1842 के बुंदेला-गोंड विद्रोह में माना जाता है, जिसमें उन्होंने अंग्रेजों की नीतियों और अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई. वह न्याय प्रिय और जनता के हित के बारे में सोचने वाले राजा थे. बाद में भले ही उन्हें अंग्रेजों द्वारा पकड़ लिया गया हो और उनके विद्रोह को कुचल दिया गया हो, लेकिन उनका साहस और बलिदान इतिहास में दर्ज हो गया. राजा हिरदेशाह ने 1842 से 1858 तक लगातार ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष जारी रखा और उन्हें नर्मदा टाइगर के नाम से भी जाना जाता है.

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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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